जागरण संवाददाता: मेरठ में ट्रैफिक सेंस का अभाव हर मोड़ पर झलकता है। रामायण और महाभारतकालीन इतिहास यहां की धरोहर है लेकिन उपेक्षा की शिकार है। पश्चिम उप्र का मेडिकल हब है पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं। बीते वर्षों में शैक्षणिक गुणवत्ता गिरी है। ऐसी तमाम समस्याएं हैं, जो संभावनाशील मेरठ को पीछे ढकेलती हैं। यह समस्याएं कैसे दूर हों और मेरठ का सर्वांगीण विकास कैसे हो, यह खाका तैयार करने दैनिक जागरण माय सिटी माय प्राइड अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, अर्थव्यवस्था और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर मंथन किया गया। जिसमें शहर के जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, शिक्षक, समाजसेवी, व्यवसायी सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस दौरान माय सिटी माय प्राइड के सर्वे के परिणामों पर भी चर्चा की गई।

मंथन में जनभागीदारी के तहत हर क्षेत्र में बदलाव लाने पर जोर दिया गया है। जानकारों ने कहा कि शहर में कूड़ा निस्तारण और खुले नाले स्वच्छता में सबसे बड़ी बाधा है। स्वच्छ सुंदर शहर बनाने के लिए कूड़ा उठाने की व्यवस्था डोर टू डोर करने के साथ निस्तारण के प्रबंध करने होंगे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन को स्मार्ट सिटी का दर्जा देना चाहिए। इससे बदलाव आएगा। महापौर के अधिकार बढ़ाने के लिए 74वां संशोधन लागू करना चाहिए। नालों को पाटने के लिए बजट चाहिए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने होंगे। जानकारों ने आगे कहा कि तीन दशक से डेयरियों को बाहर करने के लिए प्रयास चल रहे है लेकिन सफलता अब तक नहीं मिली है। डेरियों के गोबर से नाले अटे पड़े हैं। नाले कूड़ेदान में तब्दील हो गए हैं। 27 जुलाई को शहर बारिश के पानी से जलमग्न हो गया था। मुख्य वजह जलनिकासी चोक होनी थी। शहर में पर्यावरण बचाने का संदेश देती ठंडी सड़क बनानी होगी। शहरियों में पर्यावरण के प्रति झुकाव बढ़े इसलिए सड़क किनारे वृक्षारोपण करना होगा। प्रत्येक पौधे का अभिभावक तय होगा। जो पौधे की सेवा बच्चे की तरह करेगा। पौधे संरक्षित होंगे। जो आगे चलकर ठंडी सड़क की आबोहवा को शुद्ध करेंगे। यह ठंडी सड़क शहर के लिए मॉडल होगी।

 

सड़क सुरक्षा पर जानकारों ने अपनी बात रखी। कहा कि परिजनों को जागरुक होने की जरूरत है। दुर्घटना होने पर हम कानून को कोसते हैं पर यह जरूरी नहीं कि हर चीज के लिए कानून का पालन किया जाए। बच्चा दिल का टुकड़ा है, लेकिन हम आटो-वैन में इस तरह भेजते हैं जैसे हमें कोई लेना-देना नहीं है। कभी बच्चे की टांग बाहर होती है तो कभी बैग लटकते रहते हैं। जरूरत से अधिक संख्या में बच्चे ढोए जा रहे हैं। यह बात जन-जन को समझनी होगी। उद्यमियों और समाजसेवियों ने चौराहे गोद लेने की बात कही।

जानकारों ने कहा कि दिल्ली रोड पर जाम बड़ी समस्या है। रोडवेज बसें डोर टू डोर जैसी सर्विस दे रही हैं। जहां चाहते हैं, चालक बस रोक देते हैं। इससे निपटने के लिए आरटीओ को सख्ती दिखानी होगी। हेलमेट पहनना अनिवार्य है। पालन कड़ाई से किया जाना चाहिए। ट्रिपल राइडिंग, स्टंटबाजी बंद होनी चाहिए। मेरठ में गुणवत्तापूर्वक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देने की बात भी शहर के नागरिकों ने रखी। आइएमए हाल में ब्लड बैंक स्थापित किया जा रहा है। रक्तकोष को भरने के लिए इच्छुक नागरिकों की एक टीम बनाने की बात कही गई है।

पर्यटन की दशा सुधारने कोशिशें जारी
मंथन के दौरान बताया गया कि हस्तिनापुर में बीस गोल चक्कर चिह्नित किए गए हैं। जहां पर महाभारत प्रमुख पात्रों भीष्म पितामह, श्रीकृष्ण, युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम सहित अन्य की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। नगर पंचायत में यह प्रस्ताव पास हो गया है। महाभारतकालीन इस नगरी के पर्यटन को विकसित किया जाएगा। यहां के किले को विकसित करने के लिए तीन करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसके अलावा महाभारत सर्किट विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय पर्यटन मंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं होटल व्यवसायियों ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटल के हर कमरे में मेरठ के इतिहास और पर्यटन की जानकारी देती पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी जिनके माध्यम से यहां आने वाला व्यक्ति इनसे रूबरू हो सकेगा।

नागरिकों को पिलाएंगे शुद्ध पानी
मंथन के दौरान शुद्ध पेयजल की बात भी हुई। समाजसेवियों ने इस कार्य को अपने हाथ में लेकर नागरिकों को शुद्ध पानी मुहैया कराने पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर गंदा पानी आता है वहां पर आरओ सिस्टम लगाया जाएगा। जनभागीदारी से यह कार्य कई स्थानों पर हो भी रहा है। मानना है कि गंदे पानी से गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में लोग आ रहे हैं। स्वच्छता के साथ सेहत का ख्याल भी रखना होगा।

हाई कोर्ट बेंच का मुद्दा तो है ही, हमसे तो यह सब भी छीन लिया
हाई कोर्ट बेंच के मुद्दे पर सभी नागरिकों ने खुलकर बात रखी। अधिवक्ताओं ने कहा हाईकोर्ट के अलावा कई और भी नई ज्यूडिसियल बॉडी इलाहाबाद और लखनऊ में स्थापित कर दी गईं। कंपनी लॉ बोर्ड की पावर इलाहाबाद के पास है तो कंज्यूमर फोरम, रेरा के मामलों के लिए लखनऊ केंद्र बना दिया गया। अब जाकर विकास प्राधिकरणों को पावर ट्रांसफर की गई है। पश्चिम का आम आदमी छोटे-छोटे मामलों को निपटाने किराया भाड़ा खर्चकर जाता है। जानकारों ने कहा कि पश्चिमी उप्र हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति की अलग बॉडी बनाने की आवश्यकता है ताकि हाईकोर्ट बेंच की आवाज मजबूती से रखी जा सके। साथ ही वोट की राजनीति से परे इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना होगा। इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में संघर्ष कमजोर पड़ रहा है। इस क्षेत्र को न्याय दिलाने में हमारा नेतृत्व भी हमारा कमजोर साबित हुआ है।

जनप्रतिनिधियों ने बंधाई आस
- मेरठ कैंट क्षेत्र में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। इसे हटाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हाइकोर्ट बेंच और हवाई अड्डा की मांग जायज है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात रखी गई है। उम्मीद है कि जल्द अच्छी खबर मिलेगी। मेरठ के विकास के लिए जन प्रतिनिधि होने के नाते हर काम में मैं तन-मन-धन से तैयार हूं।
सत्य प्रकाश अग्रवाल, विधायक मेरठ कैंट

- शहर को बेहतरीन बनान के लिए अधिकारियों को निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सबसे खराब है। इसे सुधारने के प्रयास जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को करने होंगे। यह ध्यान देना होगा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छता के शिखर पर पहुंचा जा सकता है। गावड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट को लेकर कवायद तेज हुई है, उम्मीद है सार्थक फल निकले।
सुनीता वर्मा, महापौर मेरठ

- महाभारत सर्किट विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय पर्यटन मंत्री को लिखा है। प्रस्ताव भी भेजा है। विधायक निधि से कार्य संभव नही है। सर्किट का प्रस्ताव मंजूर होने पर ही बात बनेगी। नगर पंचायत से प्रस्ताव पास कराकर बीस चौराहों पर महाभारत के प्रमुख पात्रों की मूर्तियां पहचान के रूप में लगाने की तैयारी है।
दिनेश खटीक, विधायक हस्तिनापुर

ये रहे मौजूद: महापौर सुनीता वर्मा,
कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, हस्तिनापुर विधायक-दिनेश खटीक। इनके साथ सीए राकेश मोहन अग्रवाल, रोड सेफ्टी क्लब संचालक अमित नागर, टीम क्लीन मेरठ के अमित अग्रवाल, मेरठ कालेज के शिक्षक डा. विकास वशिष्ठ, डा. प्रवीण दुबलिश, अधिवक्ता गगन राणा, अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन देवी चरन सैन, महामंत्री बेगमपुल व्यापार संघ पुनीत शर्मा, होटल हाइफन के जीएम अमित पंवार, एमडी अमात्य इंस्टीट्यूट राजेश भारती, आइआइए सचिव तनुज गुप्ता, आइआइए स्पोट्र्स कन्वीनर मयंक अजय गुप्ता, मैनेजर हाइफन होटल गौरव चौधरी, पूर्व भाजपा क्षेत्रीय मंत्री अजित सिंह, राष्ट्रपति पदक विजेता सरबजीत सिंह कपूर, शारदा प्रसाद शकुंतला देवी मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन जितेंद्र गुप्ता, समाज सेवी हाजी हारून व पामग्रीन सुपरटेक से संजीव शर्मा भी मौजूद रहे।

 

By Gaurav Tiwari