सहारनपुर, जेएनएन। एक हजार से अधिक लोगों का मतांतरण करने का मामला सुर्खियों में है। इसकी आंच अब सहारनपुर तक भी पहुंच गई है। बुधवार को नागल थानाक्षेत्र के एक गांव में एटीएस की टीम पहुंची। जिस युवक का मतांतरण की लिस्ट में नाम था, उससे पूछताछ की। युवक ने साफ कहा कि उसने कोई धर्म नहीं बदला है।

यह है मामला

नागल थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी शोधरत युवक ने मोदी के विचारों को लेकर एक किताब लिखी है। बुधवार को अचानक युवक के घर एटीएस पहुंची। यहां पर युवक को वह फार्म दिखाया जाता है, जो मतांतरण के लिए भरा गया है। इस फार्म में युवक का नाम बदलकर अब्दुल समद उमर लिखा गया है। फार्म पर मुफ्ती जहांगीर आलम द्वारा मतांतरण कराना दर्शाया गया है। एटीएस की पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। वह एक शुगर मिल में नौकरी करता है। युवक ने एटीएस को बताया कि उसकी कहीं से फोटो उठाकर इस फार्म पर लगाया गया है।

एक हजार की लिस्ट में है नाम

बता दें कि एटीएस ने मोहम्मद जहांगीर और उमर गौतम नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक हजार लोगों की सूची एटीएस को मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक हजार लोगों का उन्होंने मतांतरण करा दिया है। इस सूची में सहारनपुर के इस युवक का भी नाम है।

इन्‍होंने बताया...

युवक के मतांतरण के बारे में जानकारी मिली थी। थाना प्रभारी को मौके पर भेजा गया। युवक इन्कार कर रहा है।

- डा. एस चन्नपा, एसएसपी

मतांतरण की सूचना पर मैं गांव पहुंचा और युवक से पूछताछ की। युवक ने बताया कि नोएडा से भी एक टीम पूछताछ करके गई है। युवक ने मतांतरण करने से इन्कार किया है।

- देव सिंह रावत, नागल थाना प्रभारी 

Edited By: Taruna Tayal