मेरठ, जेएनएन। जिले में ओवरलोड स्कूली वाहन चलने पर अब प्रबंधन भी जिम्मेदार होगा और उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। डीएम अनिल ढींगरा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों के ओवरलोड होने को लेकर कड़ा रुख दिखाया।
निर्धारित मानकों का पालन हो
डीएम ने परिवहन, यातायात पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के स्कूलों में जो भी टेम्पो और वाहन बच्चों के लिए उपयोग किए जा रहे हैं, उनमें किसी भी दशा में ओवरलोडिंग न हो। स्कूल बसों में सुरक्षा के सभी निर्धारित मानकों का पालन अवश्य हो। जिले में कोई भी स्कूली वाहन ओवरलोड एवं बिना मानकों के न चलें। यदि किसी स्कूल प्रबंधन द्वारा ऐसा किया जा रहा है तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करें। डीएम ने दुर्घटना रोकने के लिए ब्लैक स्पॉटो पर अवैध कट बंद कराने तथा हाईवे पर जगह-जगह एम्बूलेंस की भी व्यवस्था कराने के दिए।
दुर्घटनाएं रोकने को संयुक्त कार्रवाई
परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए पुलिस विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करें। सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रमुख स्थानों पर बोर्ड लगाकर आम लोगों को जागरूक करें। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की स्वैच्छिक मदद करने वाले नागरिकों की एक सूची तैयार करें ताकि उन्हें समय-समय पर प्रशासन पुरस्कृत कर सके।
एम्बुलेंस की व्यवस्था करें 
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेशनल हाईवे एवं स्टेट हाइवे पर चिन्हित स्थानों पर एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिले में नेशनल हाईवे के 10 व स्टेट हाईवे के एक कुल 11 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित हैं। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उक्त ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा के लिए कटो को बन्द करें। वहां साइन बोर्ड, रंबलिंग स्टिप रिफलेक्टिंग कलर, रिफलेक्शन बोर्ड आदि सभी सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें
डीएम ने कहा कि परिवहन एवं यातायात विभाग के अधिकारी जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं, लोगों को प्रेरित करें कि वह दुपहिया वाहन में हेलमेट तथा चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें, नशे में वाहन न चलाएं। क्षमता से ज्यादा यात्रियों को न बैठाएं। स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करें, ताकि बच्चे अपने घर जाकर अभिभावकों को सड़क सुरक्षा के मानकों के प्रति जागरूक कर सकें।
नो पार्किंग का बोर्ड लगाएं
अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह नो पार्किंग जोन में नो पार्किंग जोन का बोर्ड अवश्य लगाएं ताकि वहां पर वाहन खड़े करने वाले व्यक्ति को पता चले की नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। बैठक में सड़क सुरक्षा समिति के पदाधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर नो पार्किंग आदि के बोर्ड लगाने, स्कूली वाहनों में सुरक्षा के मानकों को ध्यान रखने व ओवर लोडिंग न कराने, वाहनों में मात्र से ज्यादा अधिक भार ले जाने पर कार्रवाई करने के सुझाव प्रस्तुत किए, जिस पर डीएम ने सम्बंधित अफसरों को कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

Posted By: Ashu Singh

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