जेएनएन, मेरठ : किसी क्षेत्र में नाम और पहचान बनाना जितना मुश्किल है, उतना ही कठिन है लोगों का विश्वास बनाए रखना। एक बार विश्वास टूटने पर दोबारा कायम करना आसान नहीं है। कोरोना काल में व्यापार बढ़ाने के साथ लोगों की सुरक्षा और विश्वास हमारे लिए प्राथमिकता थी। इसके लिए होटल स्टाफ का कई बार प्रशिक्षण कराया गया, ताकि ग्राहकों को कोई भी परेशानी नहीं हो। स्टाफ को भी नए सिरे से उनके काम में निपुण किया गया। इससे एक ओर ग्राहक को विश्वास कायम रहा तो हमारे आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई।

बाउंड्री रोड स्थित होटल क्रिस्टल पैलेस के सीनियर मैनेजर मनीष दुग्गल बताते हैं कि ग्राहकों का विश्वास ही हमारी पहचान है। लाकडाउन के बाद होटल खोलने से पहले स्टाफ को एफएसएसएआइ द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षण दिलाया गया। उन्हें सुरक्षा नियमों का बारीकी से पालन करने का अभ्यास कराया गया। यह प्रशिक्षण आठ घंटे का था। इसमें स्टाफ को कोरोना काल में काम करने की जानकारी दी गई। हमारे पास अपनी लांड्री व्यवस्था है। इसमें बेहतर केमिकल का इस्तेमाल कर होटल के तौलिया, चादर और कुशन कवर को साफ किया जाता है। अपनी लांड्री होने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। हम निश्चित हैं कि हम ग्राहकों की सुरक्षा के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं। हमें लांड्री के लिए कपड़े बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। कोरोना काल में हाल से कारपेट भी हटा दिए गए हैं। कारपेट से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। जहां तक मेन्यू की बात है तो कोरोना काल में डिजिटल मेन्यू और कैशलेस पेमेंट पर जोर दिया गया है। डिजिटल मेन्यू का लाभ हमें होम डिलीवरी में हुआ। लोग इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं।

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