मेरठ, जेएनएन। मिलावटी पेट्रोल प्रकरण में आइजी लगातार शासन को पत्राचार करते रहे, जिस पर प्रमुख सचिव गृह ने एसआइटी टीम का गठन पर मामले की जांच कराई। जांच के बाद महानगर में तैनात अफसरों में बेचैनी बढ़ गई है। जिस प्रकार से टीम ने रिपोर्ट तैयार की है, उससे बड़ी कार्रवाई के आसार दिखाई दे रहे हैं। टीम ने तेल प्रकरण में आरोपितों के मददगार बनने वाले कर्मचारियों के भी नाम जुटाए हैं।

तह तक की गई पड़ताल

मेरठ के मिलावटी पेट्रोल प्रकरण मामले में शासन की एसआइटी ने पूरे मामले की तह तक पहुंचकर पड़ताल की। एसआइटी में एडीजी इंटेलीजेंस बीएस शिरोडकर, फूड कमिश्नर मनीष चौहान और आइजी एसटीएफ अमिताभ यश शामिल रहे। तीनों अफसरों ने मिलावटी पेट्रोल मामले में छापामारी करने से लेकर विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों तथा मुकदमा दर्ज कराने वाले पूर्ति विभाग के निरीक्षकों से भी बातचीत की। अफसरों की कार्रवाई रिपोर्ट भी देखी गई है।

रिपोर्ट में आ रहा अंतर

सूत्रों की माने तो शासन को पुलिस और प्रशासन की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट और एसआइटी की तरफ से तैयार की गई रिपोर्ट में अंतर आ रहा है। एसआइटी की रिपोर्ट में पूरे सिस्टम की लापरवाही दर्शाई गई है। शीर्ष अफसर भी पूरे मामले को सही से मॉनीटिरिंग नहीं कर पाए हैं। साथ ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई में किस प्रकार की लापरवाही हुई है, उसे भी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया। इतना ही नहीं आरोपितों के कब्जे से फर्म के रजिस्टरों की फोटो प्रति भी टीम अपने साथ ले गई है। जांच के बाद लखनऊ लौटी टीम के बाद अफसरों की धड़कन बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि टीम की जांच रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

वादी की तहरीर और केस डायरी भी देखी गई

एसआइटी टीम ने मुकदमे की एफआइआर और केस डायरी भी देखी। बताया गया कि केस डायरी में कई अन्य पहलू भी सामने आए हैं। पुलिस की कार्रवाई में फर्म के लेन-देन का पूरा ब्योरा भी मांगा गया है। हालांकि अभी तक पूरा ब्योरा फर्म स्वामी नहीं दे पाए हैं, जिसके चलते अभी तक आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल नहीं हो सका।

यह है मामला

20 अगस्त को आइजी आलोक सिंह के आदेश पर वेदव्यासपुरी में पारस केमिकल और देवपुरम में गणपति पेट्रोकैम पर छापा मारा गया था। पारस केमिकल से पुलिस ने चार और गणपति पेट्रोकैम से छह आरोपित गिरफ्तार किए थे। उनके कब्जे से 2.20 लाख लीटर नकली पेट्रोल बरामद किया। तीन किलो रंग और एक कैंटर भी पकड़ा गया। परतापुर थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। उसके बाद एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपित राजीव जैन पुत्र श्रीपाल जैन निवासी महावीर नगर टीपीनगर के दो पेट्रोल पंप से नमूने भरकर फॉरेंसिक लैब को भेजे गए थे, जिनमें अभी तक कोई मिलावट की पुष्टि नहीं हो पाई थी। हाल में सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है।

इनका कहना है

दो दिन में एसआइटी ने जांच पूरी की। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने जांच टीम का सहयोग किया है। हर पहलू की जानकारी दी गई। ताकि निष्पक्ष रिपोर्ट पेश की जा सकें।

- अजय साहनी, एसएसपी 

Posted By: Prem Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस