मेरठ, विवेक राव। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्रांति शहर मेरठ की गौरव गाथा करीब 27 मिनट तक पढ़ते रहे। 20 मिनट तक उनका यहां पर समय निर्धारित था, लेकिन शहीद स्मारक पहुंचने पर अमर जवान ज्योति, 1857 की क्रांति के सूत्रधार 85 अमर सेनानियों के नाम पर बने स्मारक और राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में क्रांति के वास्तविक दस्तावेज और स्मृतियों को देखते और पढ़ते हुए उन्हें समय का ध्यान नहीं रहा। पीएम शहीद स्मारक पहुंचकर मेरठ क्रांति के स्थानीय इतिहास को जानने के लिए काफी उत्सुक भी दिखे। राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में पहुंचने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं।

पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ शहीद स्मारक पहुंचे। प्रधानमंत्री ने शहीद स्मारक में बने अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाया। इसके बाद शहीद स्मारक पर 85 अमर सेनानियों को नमन करते हुए पुष्प अर्पित किए। परिसर में बने शहीद मंगल पांडेय की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाया। फिर राजकीय संग्रहालय में पहुंचे। संग्रहालय में करीब 15 मिनट तक प्रधानमंत्री ने उन पांच वीथिकाओं को निहारा। इसमें क्रांति से जुड़े दस्तावेज पेंटिंग और चित्रों के माध्यम से सजाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री ने वीथिका एक में मेरठ की क्रांति के चित्रों और पेंटिंग को देखा। वीथिका तीन में पीएम ने दिल्ली, कानपुर, लखनऊ की क्रांति के चित्रों के माध्यम से क्रांति को जाना। संग्रहालय में बने टच स्क्रीन को चलाकर प्रधानमंत्री ने मेरठ से जुड़ी क्रांति के चित्रों को देखा। 1857 की क्रांति के समय कालापानी की सजा के विषय में पढ़ा। इसके विषय में संग्रहालय अध्यक्ष से जानकारी भी ली। बीच-बीच में सीएम योगी आदित्यनाथ भी उन्हें क्रांति और उससे जुड़े इतिहास को बताते रहे।

कमल और रोटी वाले झंडे को देखते रहे पीएम

राजकीय संग्रहालय में प्रधानमंत्री मोदी प्रवेश करते समय बने गुम्बद में क्रांति के नायकों को देखा। फिर रिवाल्विंग प्रोजेक्टर पर 10 मई की क्रांति, मेरठ में मारे गए कर्नल फिनिश और मेरठ के मैप को देखा। इसमें एक वीथिका में लगे झंडे को प्रधानमंत्री देर तक निहारते रहे। झंडे पर एक जगह रोटी और दूसरी जगह कमल का फूल बनाया गया था। जिसके विषय मेें उन्होंने पूछा तो संग्रहालय अध्यक्ष ने बताया कि क्रांति के समय रोटी और कमल के माध्यम से एक दूसरे जगह संदेश पहुंचाए जाते थे।

संग्रहालय अच्छा है... महाशय आपका नाम क्या है

संग्रहालय देखने के बाद प्रधानमंत्री मोदी बोले संग्रहालय बहुत अच्छा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग से यहां काम किया गया। संग्रहालय से निकलते हुए पीएम मोदी ने संग्रहालय अध्यक्ष पतरू से पूछा कि महाशय आपका नाम क्या है।

शहीद स्मारक पर पीएम की मुख्य पांच बातें

- शहीद स्मारक पर पीएम का समय 20 मिनट निर्धारित था, लेकिन वह 27 मिनट रहे।

- पीएम ने राजकीय संग्रहालय में बनी पहली वीथिका स्वाभिमान में सबसे अधिक समय बिताया। इसमें दो मिनट तक चल रहे आडियो में मेरठ सदर से हुई क्रांति के विषय में सुना।

- वीथिका में बने कालापानी सजा के मैप को देखने के बाद पीएम ने उससे जुड़ी पूरी जानकारी ली।

- राजकीय संग्रहालय में प्रदर्शित चित्र को देखने के साथ उसके विषय में पढ़ते भी रहे पीएम।

- संग्रहालय से निकलने के बाद पीएम ने हाथ जोड़कर अभिवादन भी किया।

शहीद स्मारक का यह है महत्व

10 मई 1857 की क्रांति के अग्रदूत रहे 85 अमर सेनानियों की स्मृति में शहीद स्मारक बनाया गया है। शहीद स्मारक की नींव 1957 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। स्मारक के पास राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय भी है। यहां 1857 की क्रांति से जुड़े दस्तावेज, चित्र, आजाद ङ्क्षहद फौज के सैनिकों के वस्त्र, पुराने सिक्के संरक्षित है। जिसे देखकर वास्तविक इतिहास को जाना जा सकता है। यहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी वर्ष 2014 में आए थे। 

Edited By: Taruna Tayal