मेरठ, जेएनएन। हत्या के बाद आमतौर पर रंजिश का सिलसिला आगे बढ़ता है लेकिन यह मामला बड़ा विचित्र है। हत्याकांड के मुख्य आरोपित ने अपना जीवन खत्म करने से पहले प्रायश्चित करते हुए न सिर्फ हत्या के जुर्म का इकबाल किया बल्कि अपना मकान भी मृतक के बच्चों को देने की बात कही है। उसने सुसाइड नोट में खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताते हुए लिखा है कि-मैं सबकी नजरों में गिर चुका हूं, इसलिए अब जीना नहीं चाहता हूं। मौत ही मेरे गुनाहों की सजा है।
यह है मामला
सोमवार सुबह एक युवक चंदक रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से कट गया। जीआरपी मौके पर पहुंची। मृतक की शिनाख्त एजाज (28) पुत्र शरीफ निवासी ग्राम बुडगरा थाना किरतपुर के रूप में हुई। उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला। दरअसल, नौ जून की रात ग्राम बुडगरा निवासी अनीस पुत्र हनीफ की हत्या हो गई थी, जिसमें एजाज मुख्य आरोपित था। पुलिस ने 13 जून को हत्याकांड का राजफाश करते हुए अनीस के साढू शबनूर उर्फ शब्बू निवासी ग्राम कनकपुर थाना नजीबाबाद व उसके एक दोस्त रईस को जेल भेजा था। एजाज वांछित था। बताया जाता है कि अविवाहित एजाज सऊदी अरब में काम करता था। रेलवे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ये है सुसाइड नोट की इबारत
सुसाइड नोट में एजाज ने अनीस की हत्या की बात कुबूलते हुए लिखा है कि उसने ही अनीस को कांच की बोतल मारी थी। इसमें अन्य किसी का कोई दोष नहीं है। इस गुनाह की सजा मौत है, इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इस केस में जो भी फंसे हैं, वे सब बेगुनाह हैं। मैं हर किसी की नजरों से गिर गया हूं। इसलिए अब जीना नहीं चाहता। मेरी गलती माफी के काबिल तो नहीं, फिर भी हो सके तो माफ कर देना। लिखा है कि उसकी मौत के बाद उसका घर अनीस के बच्चों को दे दिया जाए। पैसों का जिक्र करते हुए लिखा है कि जो पैसे अनीस की पत्नी अफसाना के खाते में डाले थे, वे उसका घर बनाने के काम आ जाएंगे।
इन्‍होंने बताया
मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग का परीक्षण कराया जाएगा। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों को हत्या के केस में शामिल किया जाएगा।
- लक्ष्मी निवास मिश्र, एसपी सिटी 

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Posted By: Taruna Tayal

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