मेरठ, जागरण टीम। लखनऊ से एक फोन काल आने के बाद पुलिस ने सपा विधायक शाहिद मंजूर के आवास की घेराबंदी कर दी। एसएसपी रोहित सजवाण ने एसपी सिटी पीयूष कुमार और सीओ सिविल लाइन अरविन्द्र चौसरिया के नेतृत्व में पुलिस बल को लगाया। आनन फानन में आसपास के तीन थानों की बुलाकर नवाजिश को घर से उठा लिया गया। 

शाहिद के परिवार को शहर छोड़ने की इजाजत नहीं

बैगर अनुमति के शाहिद मंजूर के परिवार को शहर नहीं छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया। ताकि परिवार पुलिस कार्रवाई में सहयोग कर सकें। शाहिद का परिवार जली कोठी स्थित आवास पर मौजूद है, जबकि भतीजा तारिक बाहर है। पुलिस तारिक की धरपकड़ को किठौर व माछरा में छापामारी कर रही है। शाहिद मंजूर ने दावा किया है कि वह तारिक को मौके पर बुला रहे हैं, पुलिस पूछताछ में सहयोग करेंगे। बशर्त पुलिस इसे राजनीति रूप न दे।

2003 में जमीन खरीदारी करने के बाद 2005 में फ्लैट बेच दिए

शाहिद ने बताया कि 2003 में जमीन खरीदारी करने के बाद 2005 में फ्लैट बेच दिए थे। अपार्टमेंट का नक्शा भी शाहिद के बेटे नवाजिश और भतीजे तारिक के नाम पर पास हुआ था। शाहिद ने मंत्री रहते समय बेटे व भतीजे के नाम उक्त 400 गज जमीन खरीदी थी। शाहिद ने बताया कि अपार्टमेंट की हालत खस्ता देख सभी फ्लैट स्वामी से 20-20 हजार की रकम ली थी। इसलिए फ्लैट की मरम्मत का काम चल रहा था।

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मरम्मत करा रहे थे अचानक अपार्टमेंट गिरा

शाहिद ने बताया कि मंगलवार को वह दामाद के साथ लखनऊ में मरम्मत करा रहे थे। अचानक अपार्टमेंट गिर गया। देर रात शाहिद जली कोठी स्थित आवास पर पहुंचे। जब तक पुलिस उनके बेटे नवाजिश को उठाकर ले गई थी। शाहिद ने एसएसपी रोहित सजवाण से बात की। एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि नवाजिश को पूछताछ के लिए बुलाया है। अपार्टमेंट की जमीन के सभी कागजात देखे जा रहे हैं।

कुल 12 में से बिके दस फ्लैट

पुलिस ने बताया कि नवाजिश ने अभी तक बताया कि अपार्टमेंट के कुल 12 में से दस फ्लैट बिक चुके हैं। दो फ्लैट उनके पास है। साथ ही एक स्टोर और ग्राउंड फ्लोर पर बना आफिस भी नवाजिश और यजदान कंपनी के पास है। नवाजिश से पुलिस ने यजदान कंपनी से संपर्क के बारे में भी बात की।

एक माह पहले ही बेटी ने खाली किया था फ्लैट

लखनऊ स्थित अपार्टमेंट के एक फ्लैट में शाहिद मंजूर की बेटी अपने परिवार के साथ रहती थी। बताया जाता है कि फ्लैट की मरम्मत कराने के लिए बेटी को अन्य स्थान पर शिफ्ट किया था। मंगलवार को दामाद के साथ शाहिद मंजूर खुद ही फ्लैट की मरम्मत करा रहे थे।

2002 में यजदान ग्रुप के संपर्क में आए थे शाहिद

यजदान ग्रुप के मालिक फाहद उर्फ सेठू निवासी लखनऊ से 2002 में शाहिद की मुलाकात हुई थी। दरअसल, फाहद की रिश्तेदारी मेरठ में है। उनके रिश्तेदारों ने ही फाहद को विधायक शाहिद मंजूर से मिलाया था। विधायक ने बताया कि तब फाहद ने ही लखनऊ में 400 गज जमीन खरीदवाई थी। फाहद हाल में अन्य बिल्डिंग बना रहा है। हालांकि उक्त बिल्डिंग से हमारा कोई वास्ता नहीं है। फाहद ने मुनाफे में सिर्फ दो फ्लैट ही हमें दिए थे।

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भाई के कब्जे से मुक्त कराई गई थी सरकारी जमीन

शाहिद मंजूर दो बार सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। अक्टूबर 2022 में किठौर स्थित राधना में शाहिद के बड़े भाई पर प्रधान के बेटे ने अपने गांव में नहर कोठी समेत करीब डेढ़ हेक्टेयर सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर जांच को पहुंची राजस्व टीम ने एक बीघा भूमि पर अवैध कब्जा पाते हुए उसे खाली कराया था।

2017 में कांप्लेक्स पर हुई थी कार्रवाई

शाहिद मंजूर किठौर से सपा विधायक हैं। वह 2002, 2007 और 2012 में विधायक रह चुके हैं। 2017 में बेगमपुल क्षेत्र में एमडीए ने अवैध रूप से निर्मित एक कांप्लेक्स पर कार्रवाई की थी। तब भी नवाजिश की भूमिका सामने आई थी। 

Edited By: Abhishek Saxena

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