'हम हैं भारत के असली जेन अल्फा और जेन जी...' का मेरठ में उद्घोष; युवा पीढ़ी से गुमराह न होने की अपील
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने मेरठ में युवाओं को देश की प्रगति, आर्थिक मजबूती और महिला सम्मान का संदेश दिया।

तिरंगा फहराते आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई और रैली निकालते विद्यार्थी।
HighLights
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन।
सुभाष चंद्र बोस के अंतिम समय की जांच को आयोग गठित करने की मांग।
'कदम कदम बढ़ाए जा' गीत से स्टेडियम में राष्ट्रप्रेम का जोश भरा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। भारत को प्रगति की ओर ले जाएं। देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अपना योगदान दें। महिलाओं का सम्मान करें, उनकी रक्षा करें और शहर को साफ रखने में भी अपनी भूमिका निभाएं। तभी देश सच में आगे बढ़ेगा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने बुधवार को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में आयोजित समारोह में इन्हीं शब्दों से युवाओं को यह संदेश दिया और उनमें राष्ट्र प्रेम का जोश भरा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीर सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उन्होंने देश के विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण का आह्वान किया। कार्यक्रम में ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ देशभक्ति गीत गाकर उन्होंने माहौल को राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कर दिया। उनके साथ स्टेडियम में मौजूद विभिन्न स्कूलों और कालेजों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों, पूर्व सैनिकों और शहरवासियों ने भी गाया।

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित समारोह में 21 अक्टूबर को भारत का वास्तविक स्वतंत्रता दिवस घोषित करने और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 18 अगस्त 1945 के बाद के जीवन और उनके अंतिम समय की जानकारी सामने लाने के लिए एक अंतिम जांच आयोग गठित करने के प्रस्ताव रखे गए। इन प्रस्तावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से गूंजा स्टेडियम
लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने आजाद हिंद फौज के मार्चिंग गीत ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ का गायन किया। गीत की पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने युवाओं में राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना जगाई। गीत के दौरान ‘जय हिंद’ के उद्घोष से स्टेडियम गूंज उठा।

उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके सैनिकों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए तन, मन, धन और बलिदान समर्पित किया था। युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
‘हम हैं भारत के असली, जेन अल्फा और जेन जी’
कार्यक्रम में युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष नारा भी बुलंद किया गया। मंच से वक्ता ने कहा, हम हैं भारत के असली जिसके जवाब में उपस्थित युवाओं ने 'जेन अल्फा और जेन जी' का उद्घोष किया। आयोजकों ने इस संदेश को नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जोड़ने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया।
मंच से अपील की गई कि समारोह का संदेश दिल्ली तक पहुंचे और सरकार इन मांगों पर विचार करे। पूर्व सैनिकों ने युवा पीढ़ी को देश के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों से गुमराह न होने की अपील की।

21 अक्टूबर को स्वतंत्रता दिवस घोषित करने का प्रस्ताव
21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद भारत की अंतरिम सरकार की घोषणा की थी। इस दिन को स्वतंत्रता के संकल्प और आजाद हिंद फौज के संघर्ष की स्मृति में विशेष महत्व देने की मांग उठाई गई। कहा कि आजाद हिंद फौज के सैनिकों पर लाल किले में चले मुकदमों ने देश में व्यापक जनभावना पैदा की।
इसके बाद 18 फरवरी 1946 को नौसैनिक विद्रोह और अन्य घटनाओं ने ब्रिटिश शासन के सामने गंभीर चुनौती पेश की। तर्क दिया कि स्वतंत्रता के इतिहास में नेताजी और आजाद हिंद फौज की भूमिका को उचित महत्व मिलना चाहिए।
कुछ वक्ताओं ने 15 अगस्त को विभाजन की त्रासदी की स्मृति से जोड़ते हुए कहा कि विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई, परिवार उजड़े और महिलाओं को हिंसा का सामना करना पड़ा। लगभग 15 से 20 लाख लोगों की जान गई। इसलिए 15 अगस्त को श्रद्धांजलि दिवस और 21 अक्टूबर को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना चाहिए।
45 झांकियों से दिया राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, जय हिंद के उद्घोष और युवाओं की भागीदारी के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया गया। देश की स्वतंत्रता क्रांति से लेकर विकसित भारत की ओर बढ़ते भारतवर्ष को तस्वीर 45 झांकियों से सुसज्जित रैली में दिखी। हर झांकी के साथ विद्यार्थियों ने रैली में हिस्सा लिया। रैली स्टेडियम से निकलकर प्रशासनिक कार्यालयों से होते हुए स्टेडियम में वापस पहुंची।
