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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Love Jihad: चंचल की आवाज दबा रही थी पुलिस, दारोगा करता था अश्‍लील बात

By Taruna TayalEdited By:
Published: Wed, 22 Jul 2020 11:41 PM (IST)

हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दौड़ाया पीएसी बुलानी पड़ी। दारोगा पर चंचल से अश्लील बातचीत करने व इंस्पेक्टर पर डांटने का आरोप।

Love Jihad: चंचल की आवाज दबा रही थी पुलिस, दारोगा करता था अश्‍लील बात
Love Jihad: चंचल की आवाज दबा रही थी पुलिस, दारोगा करता था अश्‍लील बात

मेरठ, जेएनएन। मां-बेटी के कत्ल के राजफाश में अहम भूमिका मोदीनगर की रहने वाली चंचल ने निभाई है। चंचल पांच माह से प्रिया और उसकी बेटी की तलाश कर रही थी। आरोप है कि थाने में तहरीर देने के बाद भी इंस्पेक्टर उसे डांट लगाते थे, जबकि दारोगा अश्लील बातचीत करता था। आरोप यहां तक है कि इंस्पेक्टर क्राइम और दारोगा ने आरोपित पक्ष से मोटी रकम भी वसूली थी, जिसके चलते मामले को दबाया जा रहा था। चंचल ने ङ्क्षहदू संगठन कार्यकर्ताओं का साथ लेकर आवाज उठाई। तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया। यही कारण है कि वारदात से पर्दा उठने पर भीड़ ने दारोगा और इंस्पेक्टर को दौड़ा लिया। पीएसी बुलाने के बाद भीड़ को काबू किया गया।

मोदीनगर की रहने वाली चंचल ने पुलिस की चार ऑडियो वायरल की है, जिसमें चंचल से इंस्पेक्टर क्राइम बात कर रहे हैं। चंचल बार-बार शमशाद को उठाकर पूछताछ की मांग कर रही है, जबकि इंस्पेक्टर चंचल पर ही कार्रवाई करने की धमकी देते रहे। इंस्पेक्टर ने भी चंचल पर आरोप भी लगाए। कार्रवाई तक की चेतावनी दी। इंस्पेक्टर क्राइम के साथ-साथ मामले की जांच कर रहे दारोगा अपनी कॉल में बार-बार रात दस बजे के बाद बात करने की जिद करते सुनाई दे रहे हैं। बार-बार पूछते हैं कि तुम्हारे आसपास कोई है तो नहीं। चंचल को पुलिस और होमगार्ड में नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया जाता है। चंचल पांच माह तक लगाकर परतापुर थाने के चक्कर काटकर थक चुकी थी। चंचल ने उसके बाद ङ्क्षहदू संगठन के नीरज शर्मा, अचित ङ्क्षजदल, आकाश शर्मा, गोपाल शर्मा को मामले की जानकारी दी।

दोहरे हत्याकांड में 95 हजार वसूल गए पुलिसकर्मी : बुधवार को ङ्क्षहदू संगठन के लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि इंस्पेक्टर क्राइम ने 75 हजार और दारोगा ने 20 हजार की रकम आरोपित पक्ष से वसूल कर ली। रकम भी भूड़बराल के एक मुखबिर के द्वारा ली गई थी। मामला ङ्क्षहदू संगठनों तक पहुंचा तो आरोपित शमशाद को उठाने के लिए दबाव बनाया गया। तब इंस्पेक्टर और दारोगा को 45 हजार की रकम वापस करनी पड़ी।