मेरठ, [अभिषेक कौशिक]। कोरोना से बचने-बचाने का जतन हर स्तर पर हो रहा है। लॉकडाउन लागू करने के पीछे मंशा भी यही है। इस ‘जंग’ में पहली पंक्ति में खड़े पुलिसकर्मी सुरक्षित रहें, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। सुरक्षा उपकरणों से उनके खानपान तक में बदलाव किया गया है। हरी सब्जी के साथ ही सलाद में प्याज और खीरा जरूरी कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण ये है कि पहले की तरह आटा, बेसन और मसाले अब बाहर से नहीं खरीदे जा रहे।

कोरोना से लड़ने में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अहम् है। चिकित्सक भी इसे बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। खानपान के जरिये आप जंग जीत सकते हैं। इस मंत्र को आत्मसात करते हुए पुलिस लाइन में कर्मचारियों के साथ ही रंगरूटों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आरआइ होरी लाल सिंह ने बताया कि सुबह नाश्ते में सभी को दो सौ ग्राम दूध का दलिया दिया जा रहा है। दोपहर में दाल-चावल-रोटी के साथ ही हरी सब्जी जरूरी कर दी गयी है। साथ ही सलाद में प्याज और खीरा भी दिया जा रहा है।

इसी तरह सभी को रात का खाना दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन में चार मेस हैं, सभी में एक जैसा मेन्यू है। तकरीबन एक मेस में सौ लोगों का खाना बनाया जा रहा है।

आटा, बेसन और मसाले खुद के

आरआइ ने बताया कि कोरोना की शुरुआत से खाने-पीने को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसलिए बाहर से गेहूं खरीदा जा रहा है। कुछ दिन उसे रखा जाता है। इसके बाद पुलिस लाइन में स्थित चक्की पर पीसा जाता है। इसी आटे की रोटी जवानों को खिलाई जा रही है। साथ ही मसाले भी साबुत खरीदे जा रहे हैं। कुछ दिन उनको भी सुखाने के बाद पीसा जाता है। ऐसे ही बेसन भी खुद की चक्की से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले बाहर से आता था, लेकिन अब एकदम बंद है।

अन्य परिवार भी आ रहे

उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन में रहने वाले अन्य परिवार भी गेहूं-बेसन के अलावा मसाले साबुत ला रहे हैं। उनकी जरूरत को भी पूरा किया जा रहा है। वहीं, पुलिस लाइन में सफाई का भी ध्यान रखा जा रहा है। दिन में एक बार लाइन को सैनिटाइज किया जा रहा है। 

Posted By: Taruna Tayal

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