मेरठ। इस बार कांवड़ यात्रा को डिजिटल बनाने की प्रशासन द्वारा पहल की गई थी। भोले के भक्तों को रास्ते में सेवा शिविर, चिकित्सा कैंप, मंदिर आदि की जानकारी एप के माध्यम से दी जा सके। इसके लिए प्रशासन की ओर से 'कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट एप' को लांच किया गया। इसमें जिओ टैगिंग के माध्यम से हाईवे पर मिलने वाली सभी सुविधाओं को अपलोड किया गया है। शिवभक्त जीपीएस के माध्यम से जानकारी ले सके। एप सफलतापूर्वक काम भी कर रहा है। एप में आप जिस स्थान पर खड़े हैं उस स्थान के आसपास के कांवड़ सेवा शिविरों की जानकारी मिल रही है।

पुलिस चौकी की भी जानकारी : एप पर समीप की पुलिस चौकी की भी जानकारी है। चौकी के नाम के साथ ही चौकी इंचार्ज का नाम और मोबाइल नंबर भी है।

स्वास्थ्य सेवाओं की लाइव लोकेशन : अगर आप रास्ते पर चलते हुए अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो स्वास्थ्य सेवाओं की भी लाइव लोकेशन मिल जाएगी। इसमें डॉक्टर के नाम के साथ एंबुलेंस का हेल्पलाइन नंबर भी डिस्पले हो रहा है।

बस जागरुकता की कमी : प्रशासन ने एप तो लांच कर दिया है, लेकिन इसकी जानकारी देने के लिए रास्ते पर कहीं भी होर्डिग या फ्लैक्स नहीं दिख रहे हैं। इससे कांविड़यों को इसके बारे में पता ही नहीं है। हाईवे से गुजर रहे कांवड़ियों से जब इस एप के बारे में पूछा गया तो उन्हें पता ही नहीं था।

इसलिए प्रिय है भगवान आशुतोष को सावन

मेरठ : हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है। लेकिन फाल्गुन माह और सावन की शिवरात्रि का बड़ा महत्व है। मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश में सावन की शिवरात्रि का बड़ा महत्व है। सावन का माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। सदर स्थित विल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डा. चिंता मणि जोशी ने बताया कि इस संबंध में कथा है कि सनत कुमारों ने भगवान शिव से प्रश्न किया था कि क्यों सावन का माह भोले को प्रिय है। जिसका उत्तर देते हुए भगवान शिव ने कहा कि देवी सती दूसरे जन्म में राजा हिमाचल और मैना के घर जन्मी थी। जहां उनका नाम पार्वती रखा गया था। सावन माह में पार्वती ने निराहार रह कर भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी। जिसे हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि इस माह युवतियां अगर व्रत रखती हैं तो मनचाहा वर मिलता है। भगवान के भक्त भी इसी माह हरिद्वार से गंगा जल लाकर अभिषेक करते हैं। -जासं

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप