मेरठ : मेरठ के तीनों केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चे (केवियन) भाषा के संगम में डुबकी लगाएंगे। मेरठ सहित सभी केंद्रीय विद्यालयों में मंगलवार को एक साथ 'भाषा संगम' कार्यक्रम शुरू कर दिया गया। हर दिन केवियन देश में प्रचलित 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा के पांच वाक्य सीखेंगे। ये संबंधित प्रदेश की भाषा के प्रचलित वाक्य होंगे। बच्चों से इनका उच्चारण कराने के साथ लिखवाया भी जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वे ¨हदी और अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में भी संवाद कर सकें। इससे अनेकता में एकता का भाव पैदा होने के साथ-साथ भाषाई भेदभाव भी मिटेगा।

20 नवंबर से 21 दिसंबर-2018 तक सभी केंद्रीय विद्यालयों में चलने वाले भाषा संगम कार्यक्रम के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने कार्यक्रम जारी किया है। देशभर में फैले केंद्रीय विद्यालयों में तमाम प्रांतों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी भाषा भिन्न है। स्कूल में बच्चों को ¨हदी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जाता है। भाषा संगम कार्यक्रम के माध्यम से बच्चे अन्य प्रदेशों में बोली जाने वाली भाषाओं को भी जान सकेंगे। इस कार्यक्रम के तहत हर रोज बच्चे पांच नए वाक्य सीखेंगे। ¨हदी प्रदेशी बच्चे तेलगु, कन्नड़, नेपाली, उड़िया, उर्दू, मराठी आदि 22 भाषाओं के विषय में कुछ न कुछ जान सकेंगे।

हर दिन एक भाषा

मंगलवार को भाषा संगम कार्यक्रम को असमी भाषा से शुरू करने के साथ केवीएस ने पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसे स्कूलों को शुरू करना है। छुट्टी के दिन को शेड्यूल से बाहर रखा है। केवी पंजाब लाइंस के प्रिंसिपल आरके शर्मा ने बताया कि केवीएस से भाषा संगम का लेटर आ गया है।

कार्यक्रम का शेड्यूल

22 नवंबर को बंगाली, 26 नवंबर को बोडो, 27 नवंबर को डोगरी, 28 नवंबर को गुजराती, 29 नवंबर को ¨हदी, 30 नवंबर को कन्नड़, तीन दिसंबर को कश्मीरी, चार दिसंबर को कोकणी, पांच दिसंबर को मैथिली, छह दिसंबर को मलयालम, सात दिसंबर को मणिपुरी, 10 दिसंबर को मराठी, 11 दिसंबर को नेपाली, 12 दिसंबर को उड़िया, 13 दिसंबर को पंजाबी, 14 दिसंबर संस्कृत, 17 दिसंबर को संथाली, 18 दिसंबर को सिंधी, 19 दिसंबर को तमिल, 20 दिसंबर को तेलगु और 21 दिसंबर को उर्दू के वाक्य सीखेंगे। इन्होंने कहा--

स्कूल में कई प्रदेश के बच्चे पढ़ते हैं, भाषा संगम के माध्यम से अन्य बच्चे भी जान सकेंगे कि देश की अन्य भाषाएं कैसीं हैं। गुरुवार से इसे शुरू किया जाएगा। इसमें बच्चे भाषा को लेकर पोस्टर बनाएंगे। वीडियो को केवीएस के दिए वेबसाइट पर अपलोड भी करना है।

डा. आरके शर्मा, प्राचार्य, केवी पंजाब लाइंस

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