सहारनपुर, जेएनएन। पश्चिम उप्र के सहारनपुर जिले में आवारा कुत्ते हत्यारे हो चुके हैं। वह कई की जान ले चुके हैं, तो दर्जनों लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। अब दो दिनों से कुत्ते पशुओं को अपना निशाना बना रहे हैं। कई भेड़ों की मौत कुत्तों के हमलों में हो चुकी है, तो कई घबराकर दम तोड़ चुकी हैं। यह पहला वाकया नहीं है। इससे पूर्व भी सहारनपुर में आठ वर्षीय बालक पर अवारा कुत्‍तों ने हमला किया था। इसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।

पिछले दिनों थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव पाडली गरंट में अपने घर के पास ही मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रहे 8 वर्ष के बालक को आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर बुरी तरह नोच डाला था। चिकित्सक के यहां ले जाते हुए रास्ते में मौत हो गई। गांव के मोहम्मद शादाब का 8 वर्षीय पुत्र मोहम्मद आमिर सुबह घर के पास ही बच्चों के साथ गली में खेल रहा था।

पहली नहीं घटना

मिर्जापुर या गांव हंगावली की घटना पहली नहीं है। देवबंद में भी आवरा कुत्ते ऐसी घटना को अंजाम दे चुके हैं। एक महिला पर यहां आवारा कुत्तों ने नोच डाला। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

क्या है वजह

इसकी सीधी वजह मीट का अवैध कारोबार है। गांवों-कस्बों में चोरी छिपे मीट का अवैध कारोबार किया जाता है। इसका अवशेष महट कारोबारी गलियों तथा रास्तों पर डाल देते हैं। इसे खाकर कुत्ते खूनी हो रहे हैं, मीट उपलब्ध न होने पर यह कुत्ते इंसान पर हमला कर रहे हैं।

क्या कहता है नियम

यह निकाय की जिम्मेदारी है कि वह आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उनकी नसबंदी के साथ-साथ उनका टीकाकरण भी करे ताकि रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी न हो।

  • निकाय की ही जिम्मेदारी है कि वह आवारा कुत्तों को 'फीड' (खाना खिलाने) कराने के लिए एक जगह जरूर तय करे।
  • आवारा कुत्तों को सिर्फ तय जगह पर ही 'भोजन' कराया जा सकता है।

ये भी जानें

कुत्ता चाहे आवारा हो या पालतू, यदि उसका टीकाकरण नहीं हुआ है तो उसके काटने से रेबीज होने की आशंका बराबर बनी रहती है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi