मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। किसान समाधान दिवस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी किसानों के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा, पुरकाजी में खाईखेड़ी मार्ग स्थित फैक्ट्री में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से चमड़ा, प्लास्टिक, पालीथिन को गलाया और जलाया जा रहा है। भोपा रोड स्थित फैक्ट्रियों की राख छतों पर जमा हो रही है। इससे प्रदूषण फैल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कई बार शिकायत की। विभागीय अधिकारियों को मौके पर भी बुलाया, लेकिन नतीजा शून्य रहा। किसानों ने डीएम चंद्र भूषण सिंह से कहा कि बोर्ड अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी तो इन्हें काली नदी में घुमाएंगे। तभी उन्हें प्रदूषण के दुष्प्रभाव का एहसास होगा।

इन बातों पर भड़के किसान

बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान समाधान दिवस का आयोजन डीएम चंद्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में हुआ। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि पिछले किसान समाधान दिवस में 15 शिकायत प्राप्त हुई थीं। इनमें से सात का समाधान करा दिया गया है। इस पर भाकियू के जिलाध्यक्ष योगश शर्मा ने कहा कि धरातल पर केवल तीन शिकायतों का निस्तारण हो पाया है। प्रदूषण से जुड़े किसानों के मुद्दे पर सीडीओ संदीप भागिया ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आए सहायक अभियंता विपुल कुमार से जवाब मांगा। विपुल कुमार खड़े हुए तो किसान भड़क उठे।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की उगाही अब नहीं चलने दी जाएगी। किसानों ने खराब सड़क, तालाबों पर कब्जा आदि की शिकायत कीं। बैठक में एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार मिश्रा, उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी, कृषि रक्षा अधिकारी योगेंद्र सिंह, सीवीओ डा. दिनेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

बाबा टिकैत के नाम पर सड़क की मांग

भाकियू पदाधिकारियों और गांव हरसौली से आए किसानों ने डीएम से कहा कि हरसौली में मार्ग का नाम चौ. महेंद्र सिंह टिकैत के नाम पर रख दिया जाए। डेढ़ किमी.लंबाई के इस मार्ग का निर्माण भी कराया जाए। कहा कि छह अक्टूबर को बाबा टिकैत के जन्मदिन पर इसकी घोषणा की जाए। डीएम ने प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया।

Edited By: Taruna Tayal

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