मेरठ, जेएनएन। कोरोना संकट की वजह से पहली बार लॉकडाउन ने लोगों को अपने घरों में कैद कर दिया है। बाहरी कामकाज को छोड़ लोग अपने घरों से काम कर रहे हैं। बावजूद लोगों का रुटीन बदल गया है। टीवी पर शुरू हुए रामायण और महाभारत जैसे सीरियल अब दिनचर्या का हिस्सा बनने लगे हैं, तो दूसरी ओर मोबाइल पर एक दूसरे से संवाद करने में भी पूरा वक्त निकल रहा है। वहीं कुछ लोग अपने घरों में रहते हुए इस संकट में जरूरतमंद लोगों का सहयोग के लिए भी समय निकालने लगे हैं।

बागपत रोड स्थित मधुबन कालोनी में रहने वाले वेस्टर्न यूपी चेंबर आफ कामर्स और मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष डा. रामकुमार गुप्ता का इस लॉकडाउन ने पूरा शेड्यूल बदल दिया है। लॉकडाउन से पहले वे ज्यादा समय मेरठ कॉलेज और अपनी फैक्ट्री में बिताते थे। अब पूरा दिन घर में निकल रहा है। घर के लिए समय अधिक हुआ तो उन्होंने उसके हिसाब से अपनी दिनचर्या को भी निश्चित कर लिया है। पहले कम समय मिलता था। वे बताते हैं कि सुबह की शुरुआत में वे सांस से संबंधित योग से करते हैं। ओम का उच्चारण करते हैं। इससे श्वास सही रहती है। माली के छुट्टी पर होने की वजह से वे खुद गमलों में लगे पौधों को पानी देते हैं। फिर कुछ समय परिवार के सदस्यों के साथ लूडो भी खेलते हैं। जिसके लिए पहले उन्हें वक्त नहीं मिलता था। दो घंटे महाभारत और रामायण सीरियल शुरू हुआ है। तब से यह उनके दिनचर्या में शामिल हो गया है। उनका कहना है कि घर में रहते हुए खुद को हमें किसी न किसी काम में व्यस्त रखना चाहिए। इससे तनाव नहीं होगा।

लॉकडाउन को देखते हुए मंगलवार को उन्होंने अपने घर पर जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन सामाग्री के पैकेट भी बनाए और फिर बागपत रोड स्थित जरूरतमंदों में वितरण कराया।

Posted By: Jagran

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