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जेएनएन, मेरठ। संयुक्त व्यापार संघ की बैठक की सुगबुगाहट शुरू होते ही व्यापारी राजनीति का पारा चढ़ने लगा है। अध्यक्ष और महामंत्री के गुटों के बीच पैंतरेबाजी हो रही है। साधारण सभा की बैठक कराने की होड़ के बाद शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने 17 को महामंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक को असंवैधानिक करार दिया।

होटल हारमनी में आयोजित प्रेसवार्ता में नवीन गुप्ता ने कहा कि साधारण सभा में 200 व्यापारी भी नहीं शामिल होंगे, जबकि 18 को उनके द्वारा बुलाई गई सभा में एक हजार से अधिक व्यापारी पहुंचेंगे। हालाकि बाद में उन्होंने कहा कि समझौते की गुंजाइश खत्म नहीं हुई है। दोनों लोग बैठकर कोई नई तिथि का चुनाव कर सकते हैं। मंच पर 610 व्यापारियों द्वारा एकत्र चंदे की धनराशि दिखाते हुए कहा कि उनके पास एक-एक पाई का हिसाब है, लेकिन महामंत्री ने वर्ष 2016 में निर्वाचन के तुरंत बाद मेट्रो प्लाजा स्थित कार्यालय का ताला तुड़वाकर तीन लाख से अधिक रुपये साजसज्जा में खर्च कर दिए जबकि उन्हें अधिकार सिर्फ दो हजार रुपये खर्च करने का है। इसी तरह बिना 16 पदाधिकारियों को साथ लिए भूकंप पीड़ितों का चंदा आरएसएस को दे दिया। नवीन गुप्ता ने पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल पर व्यापारियों के एकत्र धन से खरीदी गई वैन को लेकर सवाल उठाए। होटल के सभा कक्ष में विभिन्न बाजारों के व्यापार संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अरुण वशिष्ठ के साथ शामिल विजेंद्र अग्रवाल, दलजीत सिंह, कमल ठाकुर व्यापारियों की प्रतिष्ठित संस्था को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। सुलह गुंजाइश बनी है

नवीन गुप्ता ने कहा कि अरुण वशिष्ठ मुझसे बड़े हैं, अगर वह पहल करेंगे तो साथ बैठकर बैठक की तिथि फिर से निर्धारित कर सकते हैं। प्रेसवार्ता में अरुण वशिष्ठ पैनेल से जीते पदाधिकारी भी शामिल रहे। गौरव शर्मा, संदीप रेवड़ी, विजय आनंद अग्रवाल, लल्लू मक्कड़, पीएल शर्मा व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय गोयल, संदीप रेवड़ी, पूर्व महामंत्री संजय जैन बीड़ी वाले, मनोज गुप्ता, विपुल सिंघल आदि मौजूद रहे। बेगम पुल व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच सुलह के प्रयास जारी हैं। आरोपों प्रत्यारोपों का दौर जारी

दलजीत सिंह ने नवीन गुप्ता पर जिसमें मेरा फायदा वही मेरा कायदा नीति पर चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस सहमति की बात अध्यक्ष कह रहे हैं वह चंदा एकत्र करने से पहले उन्होंने क्यों नहीं की।

Posted By: Jagran

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