मेरठ, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रालोद सुप्रीमो जयंत सिंह की सात दिसंबर को दबथुवा में होने वाली रैली की सफलता को पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत लगा दी है। प्रस्तावित गठबंधन की संयुक्त परिवर्तन संदेश रैली एक साथ दोनों नेताओं की उपस्थिति वाली पहली जनसभा है।

रालोद के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र शर्मा ने बताया मंगलवार को होने वाली रैली से प्रदेशभर में सपा और रालोद के गठबंधन का संदेश जाएगा। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों को फसल का सही दाम न मिलना जैसे मुद्दों को लेकर यह रैली की जा रही है। यही प्रदेश में परिवर्तन की बुनियाद बनेगी।

क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने कहा कि मेरठ की धरती से गठबंधन के नेतृत्व में परिवर्तन की जो आंधी चलेगी वह लखनऊ होते हुए 2024 में दिल्ली तक जाएगी।

रालोद जिला अध्यक्ष मतलूब गौड़ ने बताया कि रैली के माध्यम से समाज में भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। 36 बिरादरियों के लोग दोनों नेताओं को पगड़ी पहनाएंगे। दो मंच बनाए गए हैं। मुख्य मंच 80 बाई 20 वर्ग फीट का और दूसरा मंच 36 बाई 16 वर्गफीट है। 30 बीघे के मैदान में रैली का आयोजन किया जा रहा है।

रालोद के प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि व्यवस्था संभालने के लिए 200 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। रैली स्थल के पास नौ स्थानों पर वाहन पार्किंग बनाई गई। एक दर्जन भंडारों की व्यवस्था ग्रामीणों ने की है। पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल देव ने बताया कि कार्यकर्ता व लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों, निजी वाहनों और बसों से रैली स्थल पर पहुंचेंगे।

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Edited By: Jagran