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मेरठ में जैश-ए-मोहम्मद के 'जफर' का भंडाफोड़: आतंकियों को शेल्टर देने और फंड जुटाने का बना रहा था प्लान

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 20 Aug 2026 12:29 PM (GMT+05:30)

मेरठ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े जफर को चंदा इकट्ठा करने और भारत में जिहाद फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

मोहम्मद जफर l

मोहम्मद जफर l

HighLights

  1. मसूद अजहर के किस्सों को पढ़कर उससे काफी प्रभावित था जफर।

  2. मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर जैश-ए-मोहम्मद को भेज रहा था।

जागरण संवाददाता, मेरठ। पाकिस्तानी आतंकियों को देश में शेल्टर देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी जफर को तैयार किया था। उसे पाकिस्तान भी बुलाया जा रहा था। ताकि वहां पर ट्रेनिंग देकर उसे तैयार किया जा सके। एटीएस की टीम जनपद के अन्य मदरसों में पढ़ रहे छात्रों की जांच करेगी।

जफर के फेसबुक, वाट्सएप अकाउंट का पूरा रिकार्ड भी एटीएस ने निकाल लिया है। बुलंदशहर में रहने वाले जफर के बहनोई पर नजर रखी जा रही है। रविवार को एटीएस ने बिहार के पूर्णिया जिले के आतंकी मोहम्मद जफर को कोतवाली थाना क्षेत्र की एक मस्जिद से गिरफ्तार किया था। वह एक महीने पहले ही बिहार से मेरठ आया था।

मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर जैश-ए-मोहम्मद को भेज रहा था, ताकि भारत में जिहाद किया जा सके। उसके पास मिली एक किताब में मसूद अजहर के तिहाड़ जेल में रहने का जिक्र है। बताया गया कि वर्ष 1999 में तिहाड़ जेल से मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को कंधार हाईजैक के दौरान छोड़ना पड़ा था।

मसूद अजहर के किस्सों को पढ़कर जफर काफी प्रभावित था। वह भी मुजाहिद बनकर जिहाद फैलाना चाहता था। जफर वर्ष 2017 में पढ़ाई के लिए मेरठ आया था। कोतवाली थाना क्षेत्र के मदरसे से पढ़ाई करते हुए फेल भी हो गया था। उसके बाद जफर यहां से बिहार लौट गया था। वर्ष 2022 में दोबारा से आया और मजिस्द में रहने लगा। हापुड़ की शेरपुर स्थित मस्जिद का इमाम बन गया।

तभी से वह जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आ गया था। हालांकि पढ़ाई के दौरान ही जैश-ए-मोहम्मद के साहित्य पढ़ता था। जफर के मोबाइल से मिले काफी साक्ष्य आतंकी मोहम्मद जफर के मोबाइल से एटीएस ने काफी साक्ष्य बरामद किए हैं। उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी एटीएस को जानकारी मिली है।

इसी के आधार पर एटीएस की टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि जफर से जुड़े अन्य युवकों को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा। जफर ने मेरठ, हापुड़, सहारनपुर, और बुलंदशहर के युवकों का वाटसएप ग्रुप बना रखा था। उक्त ग्रुप से जुड़े युवकों के बारे में जानकारी की जा रही है।

जफर की गिरफ्तारी के बाद मदरसों के सत्यापन की मांग 

अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा है कि मेरठ से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त जफर की गिरफ्तारी पर मदरसा दारुल उलूम की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सचिन ने मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पुलिस सत्यापन कराने की भी अपील की, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।