यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Meerut News: दिन में बेचता था कपड़े, रात में बम बनाता था जावेद; मुजफ्फरनगर दंगे से भी हो सकता है कनेक्शन
UP News उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की काली नदी पुल से टाइमर बन मिलने से शुक्रवार को खलबली मच गई ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की काली नदी पुल से टाइमर बन मिलने से शुक्रवार को खलबली मच गई थी। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने बम बनाने वाले मास्टरमाइंड जावेद को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चार बोतल बम बरामद किए गए। पकड़ा गया जावेद दिन में फुटपाथ पर ठेली लगाकर टी-शर्ट और लोअर बेचता था।
पिता की मौत के बाद मां नेपाल में ही रहती है। वर्तमान में जावेद चाचा आरिफ के साथ रहता है। आरिफ पटियाला में कपड़े का काम करता है। जावेद अक्सर नेपाल मां से मिलने के लिए जाता था। कक्षा 7वीं तक नेपाल में पढ़ाई की है। आने के बाद जावेद ने 10वीं तक की पढ़ाई यहां की।
मुजफ्फरनगर दंगे में जावेद की भूमिका की हो रही जांच
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमराना ने 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे और 2020 में सीएए के विरोध में हुए बवाल में अपने लोगों को सौ से अधिक बम दिए थे। उन बमों को बनाने में जावेद की भूमिका तलाशी जा रही है। जावेद पर बम बनाने के लिए अन्य ऑर्डर भी आए थे। वह हिंसा और दंगों के लिए भी बम तैयार कर रहा था।
एसटीएफ ने हासिल की ऑर्डर की है सूची
जावेद से ऑर्डर की सूची भी एसटीएफ ने हासिल कर ली है। सूची में शामिल लोग एवं जावेद के संपर्क के लोगों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। जावेद ने पूछताछ में बताया कि इमराना तंत्र क्रिया करती है।
इमराना का कनेक्शन आया सामने
एएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमराना ने 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे और 2020 में सीएए के विरोध में हुए बवाल में अपने लोगों को सौ से अधिक बम दिए थे।
