मेरठ, जेएनएन। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता जयपाल सिंह गुर्जर का गुरुवार को निधन हो गया। नोएडा के मेट्रो अस्‍पताल में इनका इलाज चल रहा था। दो दिन पहले यानी चार मई को इनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद इन्‍हे नोएडा के मेट्रो अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व मंत्री जयपाल सिंह का जन्म किसान परिवार में हुआ था। स्वजन के साथ उन्होंने खेतों में कड़ा परिश्रम किया। कस्बा निवासी प्रबोध शास्त्री ने बताया कि पूर्व मंत्री चौधरी जयपाल सिंह उनके अच्छे मित्र थे। उनके मधुर व्यवहार और जरूरतमंद को मदद पहुंचाने की उनकी विशेषता ने ही उन्हें आम आदमी का नेता बना दिया। भाजपा के जिलामंत्री रोबिन गुर्जर का कहना है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र की जनता को 24 घंटे विद्युत अपूर्ति मिली। धर्मवीर चंदपुरा और जिला पंचायत सदस्य ऋषि त्यागी ने बताया कि लोहियानगर सब्जी मंडी की स्थापना पूर्व मंत्री चौधरी जयपाल सिंह के प्रयास से हुई।

चौधरी जयपाल सिंह का राजनीति में इतिहास

1. चौधरी जयपाल सिंह 1977 में कांग्रेस से खरखौदा विधानसभा का चुनाव लड़े 350 वोटों से हार गए।

2. 1980 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़े पर कांग्रेस के दामोदर शर्मा से 250 वोटों से हार मिली।

3. 1993 में बीजेपी से खरखौदा से विधायक बने।

4. 1996 में बीजेपी से दोबारा विधायक बने और बसपा-भाजपा गठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री मायावती, उसके बाद कल्याण सिंह की सरकार में भी बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई एवं नलकूप मंत्री रहे। उसके बाद रामप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में गठित मंत्रीमंडल में दुग्ध विकास मंत्री बने।

इन पदों पर भी रहे आसीन

- पूर्व मंत्री जयपाल सिंह भारत दूरसंचार विभाग की कमेटी में नामित सदस्य रहे।

- अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री रहे।

- अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

बड़े बेटे हैं भाजपा में सक्रिय

चौधरी जयपाल सिंह के बड़े बेटे प्रताप सिंह भाजपा में सक्रिय हैं। वहीं दूसरे बेटे विकास यमुना अथारिटी औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अधिशासी अभियंता हैं। तीसरे बेटे संजय गुर्जर ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। गुरुवार शाम कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पूर्व मंत्री का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लालपुर में किया गया।