मेरठ, जेएनएन। वायु प्रदूषण के लिए जितना जरूरी पेड़-पौधों पर जमी धूल की धुलाई है उतना ही जरूरी शहर की सफाई भी है। सड़क पर पड़े कूड़े की दुर्गंध, जलते कचरे के धुएं और नालों की सूखी सिल्ट सांसों के जरिए फेफड़े को छलनी कर रही है। कचरे के ढेर के आसपास रहने वाले लोग तो परेशान हैं ही, आने-जाने वाले राहगीर भी मुंह में रूमाल लगाकर निकलने को मजबूर हैं।

शहर में जगह-जगह लगें हैं कूड़े के ढेर

शनिवार को भी शहर के प्रमुख मार्गो पर कूड़े के ढेर लगे रहे। दिल्ली रोड पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास, साईंपुरम में, ट्रांसपोर्ट नगर में, बागपत रोड पर पेट्रोल पंप के सामने, परतापुर रिठानी, आइआइए भवन, स्पोर्ट्स गुड्स काम्पलेक्स, शारदा रोड मोड़ पर कचरे के ढेर पूरे दिन लगे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक कूड़ा उठाने कोई गाड़ी नहीं आई। कचरा सड़क पर सड़ रहा है। जिससे उठने वाली दरुगध से आबोहवा प्रदूषित हो रही है। सांस लेना दूभर है। वहीं, घंटाघर रोड पर नाले की सिल्ट दो दिन से पड़ी है। सूख गई है। बेगमपुल से कचहरी वाले मार्ग पर नाले की सिल्ट सूखी पड़ी है। वाहनों की आवाजाही के साथ सूखी सिल्ट उड़ती है। जो हवा के जरिए फेफड़े तक पहुंच रही है। जिससे लोगों का हाजमा खराब हो रहा है। पेट संबंधी बीमारियों से लोग परेशान हैं। कचरे में कई प्रकार के हानिकारक वैक्टीरिया जन्म ले रहे हैं। जो लोगों को गंभीर बीमारी भी दे सकते हैं।

नगर आयुक्त के घर के सामने ही कचरे का ढेर

सिविल लाइंस स्थित नगर आयुक्त के घर के सामने शनिवार को सुबह 10 बजे तक कचरा पड़ा रहा। कचरे के बीच मरी बिल्ली भी पड़ी थी। वीआईपी इलाके में सुबह आठ बजे तक सफाई हो जानी चाहिए थी। हैरानी इस बात की है कि स्वच्छता का मजाक उस स्थान पर उड़ाया जा रहा है जहां दीवार पर स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का संदेश लिखा है।

मोहकमपुर बिजलीघर के सामने फैली नाले की गंदगी

कचरा और नाले की सूखी सिल्ट तो उठ नहीं रही है। दूसरी तरफ मोहकमपुर से एक और भयावह तस्वीर सामने आई है। नाले का पानी उफनाकर सड़क पर भर गया है। जिससे नाले की गंदगी सड़क पर फैल गई है। इसी रास्ते से मोहकमपुर के लोग आने-जाने को मजबूर हैं। यह तस्वीर मोहकमपुर बिजलीघर के सामने की है। जो नगर निगम अधिकारियों को नजर नहीं आ रही है।

इन्‍होंने बताया

सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि अगर वे अपने-अपने क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिपो प्रभारियों से रिपोर्ट तलब करेंगे। वाहनों की मॉनीटरिंग का सिस्टम ठीक नहीं है। लखनऊ से लौटने पर नगर आयुक्त से इस संबंध में बात करेंगे।

-ब्रजपाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त

नहीं हो रही है वाहनों की मॉनीटरिंग

डोर टू डोर कूड़ा वाहन समेत सफाई में लगे अन्य वाहनों की मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। नगर निगम के लेखा विभाग के कमरे से जीपीएस आधारित मॉनीटरिंग का सिस्टम ध्वस्त पड़ा है। लेकिन नगर निगम अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है।

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