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मेरठ, जेएनएन। अवैध तेल के भंडारण की सूचना पर शुक्रवार सुबह पुलिस ने टीपीनगर के जगन्नाथपुरी स्थित विशाल जैन की फर्म डीपी पेट्रोकैम पर छापा मारा। छह विभागों की संयुक्त टीम ने करीब चौदह घंटे तक लगातार कार्रवाई की। मौके से भारी मात्रा में लाइट तेल मिला है, जिसके नमूने भरकर फर्म को सील कर दिया। पूर्ति विभाग ने फर्म के खरीद और बिक्री के सभी रजिस्टर भी कब्जे में ले लिए हैं। इसकी पड़ताल की जा रही है कि तेल कहां जा रहा था। लाइट तेल को काला तेल भी कहते हैं, जिसका इस्तेमाल मुख्यत: तारकोल पकाने, भट्ठी जलाने जैसे कामों में होता है।

कॉलर ने आइजी को दी थी सूचना
शुक्रवार की सुबह छह बजे एक कॉलर ने आइजी आलोक सिंह को सूचना दी। कालर ने बताया था कि टीपीनगर के जगन्नाथपुरी स्थित विशाल जैन पुत्र धनेंद्र जैन की फर्म डीपी पेट्रोकैम के अंदर तेल के अवैध भंडारण से टैंकर लोड किया जा रहा है। सूचना पर एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने टीपीनगर पुलिस के साथ फर्म पर सुबह सात बजे छापा मारा। उस समय फर्म में जमीन के अंदर दबे टैंक से टैंकर में तेल लोड किया जा रहा था। पुलिस को देखकर सभी कर्मचारी गोदाम छोड़कर भाग गए।

जमीन में दबा मिला लाइट आयल
फर्म स्वामी विशाल जैन से संपर्क किया गया। कोई भी मौके पर नहीं आया, इसके बाद एडीएम सिटी को कॉल कर मौके पर बुलाया। उसके बाद एसीएम, पूर्ति विभाग, बाट-माप तोल, इंडियन ऑयल, दमकल विभाग की टीम को बुलाया लिया गया। रात करीब नौ बजे तक छापामार कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, फर्म के अंदर जमीन में दबे टैंक में लाइट ऑयल दबा हुआ था, जिसे टैंकर में लोड किया जा रहा था। टैंक के अंदर हजारों लीटर ऑयल मिला है। फर्म स्वामी के भांजे निक्की जैन की मौजूदगी में टैंक और टैंकर से पूर्ति विभाग ने नमूने लिए हैं। फर्म को पूर्ति निरीक्षक तारावती और अजय कुमार ने सील कर दिया। मौके से ऑयल बिक्री और खरीदारी रजिस्टर भी कब्जे में ले लिया है।

45 हजार लीटर काला तेल में मुकदमा दर्ज
डीएम अनिल ढींगरा की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि छापामारी के दौरान फर्म स्वामी विशाल जैन और प्रदीप जैन बुलाने पर भी नहीं आए। फर्म के अंदर से टीम ने 45782 लीटर कथित काला तेल बरामद किया है, जिसके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। पूर्ति विभाग के निरीक्षण में पाया गया कि स्टॉक और बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं है। स्टॉक का सत्यापन भी नहीं कराया गया। माल आमद की इनवाइस मांगे जाने पर नहीं दिया गया है। भूमिगत टैंकों के भंडारण की क्षमता का कोई वैध कागजात मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किया गया। पूर्ति विभाग की तरफ से फर्म स्वामी विशाल जैन और प्रदीप जैन के खिलाफ 3,7 आवश्यक वस्तु अधिनियम में टीपीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

टावर का तेल बता रहे थे कर्मचारी
मौके से भागे कर्मचारी लाइट ऑयल को टॉवर का तेल बता रहे थे। यह तेल किस मकसद से टैंकर में लोड किया जा रहा था। फर्म स्वामी विशाल जैन से जवाब मांगा गया है। हालांकि फर्म स्वामी विशाल जैन या उनके परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा।

इनका कहना है
हमारा काला तेल का काम है, जो भट्टी और सड़क बनाने के लिए जाता है। गुरुवार को एक पार्टी ने कॉल कर पांच हजार लीटर तेल सड़क बनाने के लिए मांगा था, जिसे शुक्रवार सुबह टैंकर में लोड किया जा रहा था। पुलिस और प्रशासन ने छापामार कर फर्म को सील कर दिया। हमारे पास सभी लाइसेंस है। हमारे यहां कोई मिलावट का काम नहीं होता है।
- विशाल जैन, फर्म स्वामी

विशाल जैन की फर्म पर अवैध तेल भंडारण की सूचना पर संयुक्त रूप से पुलिस और प्रशासनिक टीम ने छापा मारा। फर्म को पूर्ति विभाग ने सील कर नमूने ले लिए है। अभी तक पुलिस को फर्म स्वामी के खिलाफ मुकदमे के लिए कोई तहरीर नहीं दी गई। फर्म में हजारों लीटर काला तेल था। टीमें पड़ताल कर रही है कि तेल किस मकसद से रखा गया था।
- अजय साहनी, एसएसपी 

Posted By: Prem Bhatt

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