मेरठ, जेएनएन। मेरठ से गाजियाबाद 40 किमी की दूरी तय करने के लिए तीन दिनों से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को मोदीनगर के सिखेड़ा रोड पर कैप्सूल टैंकर के पलट जाने पर 13 घंटे वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा। उसके बाद जनसंख्या नियंत्रण को मेरठ से दिल्ली के लिए निकाली गई पद यात्रा ने शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली हाईवे के जाम को नासूर बना दिया। रविवार को छुट्टी के कारण हालात और बदतर होने के आसार हैं।

हादसा और पदयात्रा बना कारण

मोदीनगर के कैप्सूल टैंकर को पलटने की घटना को महज एक हादसा बताया जा रहा है। हादसे के बाद वाहनों को गाजियाबाद और मेरठ में रोकने की कवायद में भी देरी कर दी गई, जब तक मोदीनगर से लेकर मुरादनगर तक वाहनों की लंबी लाइन लग चुकी थी। उसके बाद शुक्रवार को जनसंख्या नियंत्रण को निकाली गई पद यात्रा को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं किए गए। बल्कि दोनों लाइनों का यातायात एक लाइन पर करके इतश्री कर ली गई। शुक्रवार को पद यात्रा मोदीनगर तक ही पहुंची थी। शनिवार को मोदीनगर से गाजियाबाद तक पहुंच गई। सवाल यह है कि पदयात्रा के चलते मेरठ से लेकर गाजियाबाद तक ही यातायात प्रभावित हुआ है।

दो दिन बढ़ जाता है ट्रैफिक

रविवार का अवकाश होने की वजह से दिल्ली से आने वाले वाहनों की संख्या शुक्रवार और शनिवार को बढ़ जाती है। ऐसे में एक लाइन से दोनों तरफ के यातायात का संचालन होना दुश्वारी पैदा कर रहा था। इसके चलते वाहन चालकों को जाम से भी जूझना पड़ा।

हापुड़ रोड से यातायात डायवर्ट किया जा सकता था

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पदयात्र की जानकारी गाजियाबाद और मेरठ दोनों जनपदों के अफसरों को थी। उसके बावजूद भी गाजियाबाद से आने-जाने वाले भारी वाहनों का रूट नहीं बदला गया। उक्त वाहनों को दो दिनों के लिए हापुड़ रोड से निकाला जा सकता था।

बदल सकता था तौर और तरीका

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनने के लिए पदयात्रा की गई, यह भी लोगों के हित में है। लेकिन जनता के हितों के लिए जनता को ही परेशान करना भी उचित नहीं है। इसके लिए दूसरा तौर तरीका भी हो सकता था।

इनका कहना है

कैप्सूल टैंकर का पलट जाना महज एक हादसा था। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पदयात्रा को लेकर पुलिस बढ़ाई गई थी। एक लाइन से वाहनों को निकाला गया। उसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। दो माह तक दिल्ली हाईवे पर जाम की समस्या रहेगी। उसके बाद ही स्थिति में कुछ सुधार होगा।

- प्रशांत कुमार, एडीजी

जाम और ट्रेनें निरस्त, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

सहारनपुर और हरिद्वार रूट की ट्रेनें प्रभावित होने से शनिवार को खासी परेशानी उठानी पड़ी। मोदीनगर में जनसंख्या पदयात्रा को लेकर जाम की स्थिति रही। इससे गाजियाबाद, कौशांबी, नोएडा और दिल्ली जाने वाले यात्री घंटो भैंसाली बस अड्डे इंतजार करते रहे। हरिद्वार लक्सर मार्ग पर रेलवे ट्रैक दोहरीकरण कार्य चलने के कारण इस रूट की दो दर्जन ट्रेनें प्रभावित हैं। 14 ट्रेनें तो निरस्त कर दी गई हैं। शनिवार को सहारनपुर और हरिद्वार के लिए काफी संख्या में यात्री भैंसाली बस अड्डे पहुंचे। सहारनपुर के लिए सीधी बसें नहीं मिली, जिस कारण लोगों को मुजफ्फरनगर जाना पड़ा। बतातें चलें कि भैंसाली से सहारनपुर के लिए सीधी बस सेवा के नाम पर केवल आधा दर्जन बसें ही दिन में संचालित होती हैं। एआरएम राजेश कुमार ने कहा कि अगर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो मुजफ्फरनगर वाली बसों को एक्सटेंड किया जाएगा।

चार घंटे तक नहीं आई दिल्ली नोएडा की बसें

मोदीनगर में जाम लगने के कारण नोएडा और गाजियाबाद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे बसों का टोटा रहा। बसें दिल्ली रोड से आईं तो फिर उन्हें वाया हापुड़ भेजा गया। बतातें चलें कि हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए जाने वाली बसें दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड की हैं यह दिल्ली से ही आती हैं। यह बसें भी जाम में फंसी रही। इसके कारण ट्रेनें रद होने से बसों के लिए भैंसाली पहुंचने वाले यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ा। यात्री बसें बदल-बदलकर गंतव्य तक पहुंचे।  

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