जागरण संवाददाता, मेरठ। बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के डोर-टू-डोर भ्रमण में बुधवार को 1245 टीमों ने 61218 घरों का सर्वे किया। इसमें बुखार के 228 मरीज मिले है। इसमें छह मरीज संदिग्ध मिले हैं, जिनकी गुरुवार को विभिन्न जांच कराई जाएंगी। सात सितंबर से अब तक इस पूरे अभियान में 618508 घरों का टीमें भ्रमण कर चुकीं हैं। इसमें बुखार के 3057 मरीज मिले हैं।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि इनमें 84 मरीजों में सर्दी-जुकाम व खांसी मिली है। 519 गर्भवती महिलाएं व दो वर्ष के 1621 बच्चे ऐसे मिले हैं जिनको नियमित टीकाकरण के तहत टीका नहीं लगा। 45 साल से अधिक आयु के 8806 लोग ऐसे मिले, जिनका कोविड टीकाकरण नहीं हुआ है। नौ मरीजों को दो हफ्ते से खांसी आ रही है। इसके अलावा सात सितंबर से शुरू हुए अभियान में अब तक 6711 गर्भवती महिलाएं व दो वर्ष के 19729 बच्चे ऐसे मिले जिन्हें नियमित टीकाकरण के तहत टीका नहीं लगा। मेडिकल कालेज में डेंगू के अलावा स्क्रब टायफस व लेप्टोस्पायरोसिस की जांच की जाएगी।

डेंगू के 12 नए मरीज मिले 40 घरों में मिला लार्वा

जिले में डेंगू की रफ्तार धीमी पड़ती नहीं दिख रही। प्रतिदिन डेंगू के नए केस सामने आ रहे हैं। बुधवार को जिले में डेंगू के 12 मरीज मिले हैं। अब तक जिले में डेंगू के 134 केस मिल चुके हैं। इनमें 75 सक्रिय मरीज हैं, वहीं 59 ठीक हो चुके हैं। जहां मरीज मिले हैं वहां फागिंग व एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। उधर, जिला मलेरिया विभाग की दस टीमों ने घर-घर जाकर निरीक्षण किया। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि फाजलपुर, न्यू सैनिक विहार, अनूपनगर, कृष्णानगर समेत अन्य इलाकों के 40 घरों में लार्वा मिले हैं। टीमों ने सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किए और लार्वा नष्ट करने के निर्देश। लोगों को चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान घरों में फिर से लार्वा मिला तो कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू मरीज के घर पहुंच रहे अधिकारी, हर दिन तैयार हो रही रिपोर्ट

गांवों में डेंगू से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। कोरोना महामारी की तर्ज पर ही डेंगू का सामना करने के लिए प्लान तैयार किया गया है। बीडीओ अपने विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की निगरानी करेंगे और डेंगू का रोगी सामने आने पर खुद गांव जाकर मरीज के स्वजन से बात करेंगे। जनपद के सभी 12 विकास खंड के बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। बीडीओ उपचार की व्यवस्था भी कराएंगे। इसके अलावा डेंगू के मामलों की हर दिन रिपोर्ट तैयार होगी और सीडीओ कार्यालय से संयुक्त रिपोर्ट बनेगी। सीडीओ शशांक चौधरी ने बताया कि गांवों में डेंगू के रोगियों की निगरानी की जा रही है। बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi

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