मेरठ, [अनुज शर्मा]। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए नागरिकता संशोधन कानून से भले ही आने वाले समय में अन्य देशों से आने वाले लोगों को भारत की नागरिकता आसानी से मिल जाए लेकिन अभी तक ऐसे लोगों का इंतजार असीमित अवधि का है। ऑनलाइन आवेदन के बाद जांच प्रक्रिया के नाम पर वर्षो बीत जाते हैं लेकिन नागरिकता नहीं मिल पाती। प्रदेश में 26 जनपदों में कुल 178 मामले जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। जिससे सरकार भी नाराज है।

यह है आवेदन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध प्रोफार्मा पर सभी आवश्यक जानकारियां भरकर सबमिट करना।
  • आवेदन के प्रिंट के साथ आवश्यक दस्तावेज लगाकर डीएम कार्यालय में जमा कराये जाते हैं।
  • डीएम कार्यालय से आवेदक की पुलिस और गोपनीय जांच कराई जाती है।
  • जांच रिपोर्ट राज्य के गृह विभाग को अग्रसारित की जाती है।
  • यदि अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी जानी है तो राज्य से उसे केंद्र के लिए अग्रसारित कर दिया जाता है।
  • यदि आवेदक के दस्तावेज सही मिलते हैं और सुरक्षा रिपोर्ट अनुकूल मिलती है तो उसका स्वीकृति पत्र डाक द्वारा भेज दिया जाता है।
  • यह उसकी नागरिकता के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मानी जाती है।
  • इस प्रक्रिया के बाद आवेदक के दस्तावेजों का परीक्षण किया जाता है।
  • जांच सही मिलने पर नागरिकता के पंजीकरण का अनुमोदन कर दिया जाता है।
  • नागरिकता पंजीकरण का प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रिंट करके मुख्यालय द्वारा संबंधित प्राधिकारी को भेजा जाता है।
  • संबंधित प्राधिकारी उक्त प्रमाण पत्र को आवेदक को प्राप्त कराता है।

मेरठ समेत 26 जिलों को सरकार की हिदायत

सरकार की ओर से गृह विभाग के सचिव ने हाल ही में प्रदेश के 26 जनपदों के डीएम को संबोधित करके कड़ा पत्र भेजा है। जिसमें भारतीय नागरिकता के ऑनलाइन आवेदनों का त्वरित गति से निस्तारण कराने के लिए कहा गया है।

भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान

  1.  जन्म से नागरिकता धारा 03
  2.  वंशानुक्रम द्वारा नागरिकता धारा 04
  3.  पंजीकरण द्वारा नागरिकता धारा 05
  4.  देशीकरण द्वारा नागरिकता धारा 06
  5.  भू भाग समावेशन द्वारा नागरिकता धारा 07

कौन है नागरिकता का हकदार

1. पिछले 12 महीने से लगातार भारत में रह रहा हो।

2. भारत में रहने की अवधि 8 साल हो, किसी भी दशा में यह अवधि 6 साल से कम न हो।

इन्‍होंने बताया

हमे ज्यादा समय नहीं हुआ है। हमारे सामने ऐसा कोई मामला नहीं आया है। लंबित आवेदनों की जानकारी सोमवार को कार्यालय खुलने पर ही मिल सकती है।

- अजय कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी नगर

मेरठ में वर्षो से नहीं मिली कोई नागरिकता

सरकार की सूची में मेरठ जनपद में दो ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं। प्रशासन का कहना है कि वे जांच प्रक्रिया में हैं। आंकड़े गवाह हैं कि मेरठ जनपद में पिछले पांच वर्षो में भी एक भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता जारी नहीं हुई है।

अधिनियम 1955 देता है अधिकार

किसी अन्य देश का व्यक्ति भारत की नागरिकता का पंजीकरण कराने का आवेदन नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत कर सकता है। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर अधिनियम की धारा 5 (01) ए के तहत किया जाता है।

Posted By: Taruna Tayal

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