मेरठ, जेएनएन। राजस्थान में सुलग रही गुर्जर आरक्षण की चिंगारी मेरठ तक भी पहुंच गई। मंगलवार को गुर्जर समाज के लोगों ने सकौती रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान पुलिस प्रशासन जीआरपी और आरपीएफ काफी देर तक मूकदर्शक बने रहे।
कई दिनों से जारी है आंदोलन
राजस्थान में पिछले कई दिनों से आरक्षण को लेकर गुर्जर समाज आंदोलन की राह पर है। वहां ट्रेन रोकने समेत कई अन्य तरीकों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आज मेरठ में भी गुर्जर समाज के लोग सड़क पर उतर आए। रेलवे स्टेशन के निकट सकौती में राणा फार्म हाउस पर एकत्र हुए। यहां हुई सभा में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसके बाद जुलूस की शक्ल में बाजार से होते हुए सकौती रेलवे स्टेशन पहुंच गए और रेल लाइन पर कब्जा कर बैठ गए।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में आंदोलन की शुरुआत
रेलवे स्टेशन पर एसपी सिटी रणविजय सिंह, एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स के साथ आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौजूद रहे। अतुल प्रधान ने रेल लाइन पर बैठे गुर्जर समाज के लोगों को संबोधित करते हुए एलान किया कि जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि आज से पश्चिम उत्तर प्रदेश में इस आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले दिनों में आसपास के सभी जिलों में आंदोलन चलाया जाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के चलते ट्रेन पहले ही रोक दी गई हैं।
क्या है गुर्जरों की मांग
गुर्जर समाज के लोग सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। जबकि वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्त पचास प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है। इसी मांग को पूरा कराने के लिए गुर्जरों ने राजस्थान से अपने आंदोलन की शुरुआत की है। ये अब देश के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। 

Posted By: Ashu Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप