मेरठ ,जेएनएन: कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना सर्वाधिक जरूरी है। लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में हैं, ऐसे में खानपान की आदतों को नए सिरे से पटरी पर ला सकते हैं। घर के आसपास नींबू का पेड़ हो तो उसकी पत्तियों को पानी में उबाल कर उसे गर्म चाय की तरह पीएं। इन पत्तियों का चाय बनाने में भी प्रयोग कर सकते हैं। नींबू विटामिन सी का भरपूर स्रोत हैं और इसके प्रयोग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। न्यूट्रीशियन वंदना कुशवाहा का कहना है कि इस समय सब्जी और चाय के अलावा अदरक का काढ़ा बनाकर पीना अच्छा रहेगा। अदरक का काढ़ा बच्चों को भी पिलाएं।

सेहत के लिए यह भी जरूरी

-खाली पेट न रहे जो भी खाए भरपूर पका कर ही खाए।

-दो से तीन घंटे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहे।

-खाने में करी पत्ता, पुदीना, तेजपत्ता, सौंफ, लहसुन, अदरक का प्रयोग करें। यह शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।

-अंकुरित अनाज के साथ मूंगफली के दाने और भूने हुए चने मिलाकर खाए। इसे खाने से प्रोटीन और विटामिन की प्राप्ति होगी। साथ ही रक्त संचार भी अच्छा होगा।

-विटामिन सी के लिए बेरीज, अंगूर, ब्लू बेरिज, स्ट्रॉबेरी, संतरा, पपीता और किन्नू का फ्रेस जूस पी सकते हैं।

-खाने में नारियल तेल को भी शामिल करे। इसमें लॉरिक एसिड होता है। जो शरीर के लिए काफी लाभदायक है। स्वाद और सेहत से भरपूर है चौलाई खीर

नवरात्र के नौ दिनों में व्रत के दौरान लोग फलाहार करते हैं। बिना मिर्च मसाले वाला यह भोजन स्वादिष्ट तो होता ही हैं। साथ ही सेहतमंद भी होता है। ऐसे में कोरोना वायरस से बचाव के लिए शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इन दिनों में चौलाई खीर और साथ ही स्वाद के लिए आलू और साबुदाने के कटलेट बनाकर खा सकते हैं। चौलाई को ग्लूटेन फ्री डाइट के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा भी काफी होती है। कैल्शियम की मात्रा अधिक होने से चौलाई हड्डियों को भी मजबूत करता है। इसे खाने से हदय रोग, मधुमेह जैसी बीमारियों में भी आराम मिलता है। अहम बात है कि यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता हैं। चौलाई की स्वादिष्ट खीर

चौलाई की खीर बनाने के लिए काफी कम सामग्री की आवश्यकता होती है। इसे बनाने के लिए चौलाई, दूध, चीनी, तुलसी के पत्ते, देसी घी और साथ में ही बादाम और अखरोट भी डाल सकते हैं। सबसे पहले चौलाई को देसी घी गर्म करके सुनहरा होने तक इसे अच्छी तरह भूने। अब एक अलग बर्तन में दूध को कुछ देर पकाकर गाढ़ा कर लें। इसके बाद दूध में बादाम, अखरोट डाल दें। अंत में भूनी हुई चौलाई और चीनी डालकर कुछ देर चलाए। हलका पक जाने पर इसमें तुलसी के पत्ते डाल दें। इससे खीर और भी स्वादिष्ट और खुशबूदार बनेगी। अब इसे गर्म और ठंडा दोनों ही तरह से खा सकते हैं। साबूदाने के कटलेट

नवरात्र व्रत में साबुदाने की खीर के अलावा इसे पूरी और पराठों में डालकर भी खाया जाता हैं। इसके अलावा व्रत में कुछ अलग स्वाद के लिए साबुदाने और आलू के कटलेट भी बनाए जाते हैं, जिन्हें स्नैक्स की तरह चटनी या दही से खाया जा सकता हैं। इसे बनाने के लिए साबुदाने को पांच से छह घंटे के लिए अच्छी तरह से भिगोकर रख दें। साबूदाना जब अच्छी तरह से भीग जाए तो उसे उबले हुए आलू में मिलाकर उसमें हरी मिर्च, हरा धनिया, बादाम और थोड़ी से भूनी और पीसी हुई मूंगफली मिलाकर कटलेट की शेप में तैयार करके कुछ देर सेट होने के लिए रख दे, और जब गर्मागर्म खाने का मन हो इन कटलेट को गर्म तेल में डीप फ्राई कर गर्मागर्म पुदीने और इमली की चटनी के साथ खाए। यह स्वाद के साथ साथ सेहत से भी भरपूर हैं।

Posted By: Jagran

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