14 घंटे का सफर अब 6 घंटे में! Ganga Expressway से मेरठ-प्रयागराज की दूरी तो सिमटी मगर टोल टैक्स-तेल बिगाड़ देगा बजट
गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी के लोगों को इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचने में समय तो कम लगेगा, लेकिन यात्रा का ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे के प्रवेश स्थल के पास गांव बिजौली में लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभा स्थल पर चल रही टेंट लगाने की तैयारी। जागरण
HighLights
गंगा एक्सप्रेसवे से हाई कोर्ट यात्रा का समय घटेगा।
यात्रा खर्च और टोल टैक्स से जेब पर भार बढ़ेगा।
पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ के लोगों का हाई कोर्ट इलाहाबाद तक पहुंचना तो आसान हो जाएगा। समय भी काफी कम लगेगा लेकिन गरीब लोगों की जेब पर भार बढ़ जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए तो जनता को राहत मिलेगी लेकिन सरकार को पश्चिम उत्तर प्रदेश को हाई कोर्ट बेंच देनी ही होगी। बिना बेंच के इस क्षेत्र के लोगों को सुगम और सस्ता न्याय उपलब्ध कराने की सरकार की परिकल्पना पूरी नहीं होगी।
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को प्रयागराज तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे से प्रयागराज तक की यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। 12 से 14 घंटे में पूरी होने वाली यात्रा मात्र 6 से 7 घंटे में पूरी हो जाने का दावा किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व सदस्य और मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार बक्शी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से केवल प्रयागराज तक पहुंचना आसान हो जाएगा। लेकिन यह सस्ता नहीं होगा। गरीब व्यक्ति कार से इस सफर को करेगा तो उसका खर्च और साथ में भारी भरकम टोल टैक्स वहन करना आसान नहीं होगा।
चूंकि यह एक्सप्रेसवे शहरों की आबादी से दूर हटकर बनाया गया है लिहाजा इससे गुजरने वाला यातायात शहर में प्रवेश नहीं करेगा। इससे सभी शहरों के व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। हाई कोर्ट जाने वाले लोगों को भी केवल समय कम खर्च होने का फायदा होगा। इसके अलावा उन्हें कोई लाभ नहीं होगा।
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र सिंह धामा के बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिम उत्तर प्रदेश को पूर्वी इलाके से जोड़ देगा। इससे उद्योग, पर्यटन, कृषि व अन्य क्षेत्रों को तो लाभ होगा लेकिन वादकारियों को कोई खास फायदा नहीं होगा। उनका केवल समय बचेगा। यात्रा का खर्च बढ़ जाएगा और इलाहाबाद हाई कोर्ट में अत्यधिक मुकदमों के दबाव के कारण जल्दी सुनवाई नहीं हो सकेगी।
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने तथा घर के दरवाजे पर न्याय दिलाने की सरकार की परिकल्पना गंगा एक्सप्रेसवे से पूरी नहीं होती है। इसके लिए सरकार को पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापित करनी होगी।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जमानत लेने तथा अन्य मामलों में मजबूरी में इलाहाबाद हाई कोर्ट जाना होता है। इस यात्रा में उनका कई दिन का समय और काफी पैसा खर्च होता है। एक्सप्रेसवे से यात्रा करने पर मार्ग की दूरी नहीं कम होगी केवल समय कम होगा। गरीब लोगों की जेब पर भार और बढ़ जाएगा। इस मार्ग पर भारी भरकम टोल चुकाकर जाना होगा।
