मेरठ, जेएनएन। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) रविवार को मेरठ के 62 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में हुई। पहली पाली में प्राथमिक स्कूल में शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में जूनियर स्कूल में शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थी शामिल हुए। बहुविकल्पीय आधारित प्रश्नों में लंबे विकल्प को लेकर अभ्यर्थियों को मुश्किल हुई।

सीटेट की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पहला प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान रहा। जीवविज्ञान के सवाल औसत रहे। गृह विज्ञान भी अपेक्षाकृत आसान रहा। दूसरी पाली में तर्क शक्ति पर आधारित सवालों में अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। सोनिया ने बताया कि मनोविज्ञान पर आधारित सवाल अधिक थे। हिदी के लंबे सवालों को हल करने में काफी समय लगा। पहली पाली में बाल विकास और अध्यापन संबंधित 30 प्रश्न पूछे गए थे। गणित और पर्यावरण अध्ययन से संबंधित भी 30 प्रश्न पूछे गए।

ज्वेलरी से लेकर पानी की बोतल ले जाने पर रोक

परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए पूरी सख्ती की गई थी। कई केंद्रों से परीक्षा देकर निकले महिलाओं ने बताया कि उनके गले से चेन, माला और हाथों से कंगन आदि निकलवा दिए गए थे। पानी की बोतल भी नहीं ले जा सके। सीबीएसई के पर्यवेक्षक सभी सेंटरों पर निगरानी रखे हुए थे।

सफलता के लिए चाहिए 90 अंक

अभ्यर्थियों से 150 नंबर के 150 प्रश्न पूछे गए थे। इसमें 90 अंक पाने वाले सफल होंगे। सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को सीटेट में सफल होने के लिए 60 फीसद अंक की जरूरत होगी। जबकि ओबीसी, एससी के लिए 55 फीसद अंक अनिवार्य है। सीटेट के सर्टिफिकेट सात साल के लिए मान्य होंगे।

पहली व दूसरी पारी में कई अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा

पहली पाली सुबह साढ़े नौ बजे से 11.30 तक हुई। पहली पाली के लिए 40623 पंजीकृत थे। इसमें 36579 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 4044 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली की परीक्षा 42 केंद्रों पर दोपहर दो बजे से 4.30 बजे तक हुई। इसमें 26723 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 23569 ने परीक्षा दी। 3154 गैरहाजिर रहे।

देर से आने पर छूटी परीक्षा

मेरठ में छह सेंटरों पर देर से अभ्यर्थियों के पहुंचने की सूचना रही। आधे घंटे की देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने दिया गया। इसकी वजह से कुछ जगहों पर अभ्यर्थियों ने विरोध किया।

शांतिपूर्ण रही परीक्षा

सीटेट के जिला समन्वयक और केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल सुधांशु शेखर ने बताया कि पहले मेरठ के अभ्यर्थी गाजियाबाद और अन्य जिलों में जाते थे। मेरठ में परीक्षा होने से उन्हें काफी सुविधा मिली। मेरठ के सेंटर पर 50 हजार से अधिक छात्रों की परीक्षा शांतिपूर्ण रही। परीक्षा के दौरान सीबीएसई की ओर से 100 पर्यवेक्षक भी आए थे। परीक्षा में बहुत से अभ्यर्थी एडमिट कार्ड लेकर नहीं आए थे। उन्हें एडमिट कार्ड डाउनलोड कराकर दिए गए।

Posted By: Jagran

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