मेरठ,जेएनएन। रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्य को पोहल्ली के किसानों ने रुकवाने के बाद धरना दिया था। इस मामले में गुरुवार दोपहर विश्व बैंक और कॉरिडोर परियोजना के अधिकारी किसानों से मिलने पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को अनुदान राशि, मुआवजा और अन्य विवादों के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 10 नवंबर के पहले उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो कार्य फिर से रुकवा देंगे और भूख हड़ताल करेंगे।

ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन पोहल्ली गांव के जंगल से होकर गुजर रही है। रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहीत जमीन के विवादित मामलों को लेकर दो सप्ताह पूर्व ग्रामीणों ने धरना देकर काम रुकवा दिया था। किसान कमिश्नर से भी मिले थे। 21 अक्टूबर को फ्रेट कॉरिडोर और रेलवे अधिकारी गांव पहुंचे थे और 15 नवंबर तक उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।

इसी कड़ी में गुरुवार को विश्व बैंक के सोशल प्रमुख हरि नाथ, रेलवे के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप कुमार, डीएफसी के तुफैल अहमद, रमन चौधरी गांव पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल ने पोहल्ली व फजलगढ़ के किसानो से भेंट की। किसानों ने कहा कि उन्हें जंगेठी गांव के बराबर मुआवजा दिया जाए और साढे़ पांच लाख की अनुदान राशि जल्द से जल्द दिलाई जाए। इसके साथ ही विवादित मामलों का निपटारा जल्द होना चाहिए। इस बारे में अधिकारियों ने कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि अगर वे सहयोग करेंगे तो उन्हें भी सहयोग मिलेगा ओर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह एडीएम प्रशासन से मिलकर बचा मुआवजा जल्द से जल्द दिलवाएंगे।

इस मौके पर रेलवे के वैभव कुमार, सुशील कुमार, नदीम खान, भीष्म चौधरी, रविद्र प्रधान, बालेश्वर सैनी, मुन्नालाल, तालिब, विकास चौधरी, राजीव, नदीम, कल्लू, महिपाल आदि किसान मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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