मेरठ, जेएनएन। गुदड़ी बाजार में फायरिंग के मामले में पुलिस बैकफुट पर आ गई। पूर्व सांसद के भाई से जानलेवा हमले की धारा हटा दी गई। बेटे और भतीजे को भी मुकदमे से क्लीनचिट दे दी। अदालत ने पुलिस की केस डायरी को आधार बनाकर राशिद अखलाक को जमानत पर रिहा कर दिया।

यह था मामला

एक माह पहले गुदड़ी बाजार में राईन और कुरैशी बिरादरी के बच्चों में मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें आशिक अली और अमान को गोली लगी थी। मामले में पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक, भतीजे यासिर, बेटे शाकिब और नौशाद, समीर, शोएब उर्फ डला को नामजद किया गया। पुलिस राशिद अखलाक, समीर और शोएब को जेल भेज चुकी है। कोतवाली पुलिस ने अदालत में मुकदमे की केस डायरी पेश की, जिसमें राशिद अखलाक से जानलेवा हमले की धारा हटा दी गई।

इनको भी मिली क्‍लीनचिट

साथ ही शाहिद अखलाक के बेटे शाकिब और भतीजे यासिर को भी क्लीनचिट दे दी गई। कोतवाली इंस्पेक्टर देवेश शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष गवाही में एफआइआर से मुकर गया है। उसी को आधार बनाकर मुकदमे से जानलेवा हमले और जान से मारने की धमकी की धारा हटाई गई। मामूली मारपीट के विवाद में पुलिस मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल करने जा रही है।

तो लाइसेंस क्यों हुआ निलंबित

पुलिस ने अदालत को भेजी केस डायरी में तर्क दिया कि फायरिंग नहीं हुई। अब सवाल है कि जब राशिद और उसके परिवार ने फायरिंग नहीं की। फिर शाहिद अखलाक के लाइसेंस निलंबन का आधार क्या है? यानि अब पुलिस को लाइसेंस भी बहाल करना पड़ेगा। गुदड़ी बाजार में हुई फायरिंग में आशिक अली और अमान घायल हुए थे। पुलिस ने केस डायरी में दिखाया की गोली नहीं चली। अब सवाल है कि आशिक अली और अमान को फिर गोली कैसे लग गई? 

Posted By: Prem Bhatt

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