[लोकेश पंडित] बुलंदशहर। कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहे देश को आने वाले दिनों में प्राणरक्षक वैक्सीन के अभाव से नहीं जूझना पड़ेगा। सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने देश की तीन कंपनियों को कोवैक्सीन बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इनमें बुलंदशहर की नामचीन कंपनी भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड (बीबकोल) शामिल है। कोविड-19 से जंग में अब बुलंदशहर अहम भूमिका निभाने जा रहा है। बीबकोल हर माह सरकार को डेढ़ करोड़ डोज उपलब्ध कराएगी।

भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी आगे इस क्षमता को बढ़ाकर दो करोड़ डोज करने का लक्ष्य निर्धारित कर रही है। उम्मीद है, अक्टूबर से कंपनी उत्पादन शुरू कर सरकार को कोवैक्सीन उपलब्ध कराने लगेगी। फिलहाल कंपनी की तकनीकी टीम कोवैक्सीन तैयार करने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में लगी है। अभी बीबकोल द्वारा देश के लिए पोलियोरोधी वैक्सीन का निर्माण किया जा रहा है।

हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटैक ही अभी तक को-वैक्सीन बना रही है। कोविड के प्रकोप के कारण कंपनी को मांग के सापेक्ष आपूíत करने में दिक्कत हो रही है। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने सेंटल ड्रग्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन कोवैक्सीन उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद देश में वैक्सीन बनाने का अनुभव रखने वाली तीन कंपनियों का चयन किया गया। इनमें हैफकिन बायो फार्मास्यूटिकल्स मुंबई एनडीडीबी, नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड से जुड़ी कंपनी इम्यूनोलाजिकल लिमिटेड आइआइएल व बुलंदशहर स्थित भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन बीबकोल शामिल हैं।

वैक्सीन बनाने को इन कंपनियों को सरकार आíथक मदद भी दे रही है। तीनों कंपनियों को हर माह डेढ़ करोड़ वैक्सीन डोज तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। बीबकोल को कोवैक्सीन तैयार करने की अनुमति के साथ ही तय हो गया है कि कोरोना से देशव्यापी जंग में बुलंदशहर महत्वपूर्ण भूमिका में आ गया है। सिकंदराबाद के गांव चौला स्थित बीबकोल में कोवैक्सीन तैयार करने की तैयारी हो रही है। हालांकि कंपनी के कई बड़े अधिकारी इन दिनों कोरोना पीड़ित होकर अस्पताल में है। जरूरी उपकरण व संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कंपनी के अधिकारी सुनील शर्मा बताते हैं कि कोवैक्सीन तैयार करने के लिए प्राथमिक कार्य जारी है।

यह भी पढ़ें: बुलंदशहर की कंपनी जहां हर माह तैयार होगी Covaxin की दो करोड़ डोज, पोलियो के खात्मे में निभा चुकी है बड़ी भूमिका