UP पुलिस का 'ऑपरेशन फेसबुक', महिला सिपाही से 'फ्रेंडशिप' के चलते नेपाल से मिलने चला आया चोर; खुला 80 लाख की चोरी का राज
Meerut News: मेरठ में 80 लाख की चोरी के वांछित नेपाल निवासी चोर लाल भीम भूल को महिला सिपाही ने ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में आरोपित।
HighLights
20 नवंबर 2022 को बिल्डर प्रदीप गुप्ता के घर से 80 लाख के आभूषण व नकदी की थी चोरी।
20 दिसंबर 2022 को आरोपित पर दस हजार का इनाम किया था, एक माह की घेराबंदी में पकड़ा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चोरी की बड़ी वारदात में वांछित नेपाली चोर गिरोह के बदमाश लाल भीम भूल ने चार वर्ष बाद फेसबुक पर अकाउंट बनाया। महिला सिपाही ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। एक माह की बातचीत के बाद महिला सिपाही ने आरोपित को नेपाल से हरिद्वार बुलाया।
आरोपित सोमवार को हरिद्वार पहुंचा और पुलिस की गिरफ्त में आ गया। आरोपित बिल्डर प्रदीप गुप्ता के घर से 80 लाख के आभूषण और नकदी चोरी की चर्चित घटना में शामिल था। आरोपित पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। वारदात में शामिल एक आरोपित अभी नेपाल में ही छिपा है।
20 नवंबर 2022 को टीपीनगर के कमला नगर मुहल्ले में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं बिल्डर प्रदीप गुप्ता का परिवार दिल्ली के ताज होटल में बेटी सांची गुप्ता की मंगनी में गया था। गार्ड मनोज को खीर में नशीला पदार्थ खिलाने के बाद अनुचर बल बहादुर ने साथियों के संग घर से 80 लाख के आभूषण व नकदी चोरी कर ली थी। तब पुलिस व एसटीएफ ने बल बहादुर, उसके साथी मुंबई निवासी लक्ष्मण, पुणे निवासी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लक्ष्मण व नरेश जमानत पर छूट चुके हैं।
बल बहादुर अभी जेल में है। दस हजार का इनामी सुरेंद्र कटवाल उर्फ बिलकिट अभी फरार है। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पुलिस की टीम एक महीने से आरोपित लाल भीम भूल निवासी लेकोट, जनपद डोटी, नेपाल पर काम कर रही थी। लाल भूल फेसबुक चला रहा था। लाल भूल से महिला सिपाही की फेसबुक पर दोस्ती कराई। दोनों ने एक दूसरे का नंबर लिया। महिला सिपाही एक माह से उससे लगातार बात कर रही थी।
महिला सिपाही ने उसे हरिद्वार की निवासी बताया था। चार दिन पहले महिला सिपाही ने उसे हरिद्वार बुलाया। लाल भूल हरिद्वार पहुंचा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। टीपीनगर थाने लाकर आरोपित से पूछताछ की गई। उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपित के खिलाफ वर्ष 2021 में तेलंगाना में भी चोरी का मामला दर्ज हुआ था।
तीन दिनों में ही बल बहादुर ने जीत लिया था विश्वास
मुख्य आरोपित बल बहादुर चोरी की घटना से तीन दिन पहले ही प्रदीप के घर में आया था। अमन सिद्धू की एजेंसी से प्रदीप ने उसे पहले अपने आफिस में नौकरी दी। बेटी की शादी की वजह से घर का काम भी कराने लगे थे। तीन दिनों में ही उसने परिवार का विश्वास जीत लिया था।
