मेरठ, जेएनएन। घने कोहरे का समय है इसलिए दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरते वाहन एक दूसरे से आगे निकलना चाहते हैं। मगर ऐसी जल्दबाजी जानलेवा हो सकती है। वैसे तो पूरी सावधानी चालक को ही बरतनी होती है लेकिन वाहन के भी कुछ फीचर ऐसे होते हैं जो कोहरे के समय मदद के लिए इसमें लगाए जाते हैं। वहीं एक्सप्रेस-वे पर भी कुछ इंतजाम किए जाते हैं ताकि चालक की घने कोहरे में भी सड़क दिखती रहे। आइए विशेषज्ञ की नजर से जानते हैं वाहनों में ऐसे कौन से फीचर होते हैं जिसको चालक को इस समय अवश्य उपयोग करना चाहिए। गढ़ रोड स्थित समुद्रा हुंडई के निदेशक शलभ गुप्ता का कहना है कि वाहनों में बहुत सारे फीचर होते हैं जो कोहरे में बचाव में सहयोगी होते हैं। इन बातों का जरूर करें पालन

-वाहनों में आगे व पीछे फाग लाइट रहती है। इसे जलाकर रखना चाहिए।

-वाहनों में चारों तरफ वार्निंग लाइट होती है। इसे भी जलाकर रखें। इससे दूसरे वाहन के चालक को पता चलता है।

- शीशे को वाइपर से लगातार साफ करते रहें।

-वाहन हमेशा लो बीम पर चलाएं। हाई बीम पर चलाने से कोहरे के रिफ्लेक्शन से भ्रमित हो सकते हैं। कोहरे में हाई बीम पर लाइट रखने से एडजस्ट करते वक्त आंखों पर ज्यादा जोर देना पड़ता है। ज्यादा रोशनी से दिक्कत बढ़ सकती है।

-हमेशा धीमी गति से चलाएं। कितनी भी जल्दी कहीं पहुंचना हो।

-सामने व पीछे के वाहन से दूरी बनाकर रखें।

-सीट बेल्ट अवश्य पहनें।

-गर्म हवा के लिए ब्लोअर चालू रख रहे हैं तो उस स्थिति में भी एसी का बटन आन रखें। यह न सोचें कि अगर एसी का बटन आन है तो ठंड हवा निकलेगी। ऐसा करने से गाड़ी के अंदर शीशे पर भाप नहीं जमा होगी और बाहर साफ दिखाई देगा। एक्सप्रेस-वे पर इन संकेतकों पर ध्यान देते रहें

-डेलीनेटर : ये सफेद रंग के डंडे की तरह लगाए गए हैं। अंधेरा होने पर ये चमकते हैं। जब वाहन की रोशनी पड़ती है तो इससे पता चलता है कि एक्सप्रेसवे का किनारा कितनी दूर है। क्योंकि सबसे किनारे क्रैश बैरियर के ऊपर लगाए गए हैं।

- रेफ्लेक्टर : पीले रंग के रेफ्लेक्टर क्रैश बैरियर के ऊपर लगाए गए हैं। ये भी अंधेरा होने पर चमकते हैं और वाहन की रोशनी पड़ने पर ज्यादा चमकते हैं।

- सेफ्रान : एक्सप्रेस-वे पर सभी घुमाव वाले स्थान पर लगाए गए हैं। केसरिया रंग के रेफ्लेक्टर के बीच में काले रंग का तीर की तरह आकृति बनी होती है। इससे संकेत मिलता है कि वाहन को बाएं मोड़ना है या दाएं।

-रेडियम पट्टी : किनारे की तरफ क्रैश बैरियर के नीचे रेडियम की पट्टी लगाई गई है। वाहन की रोशनी पड़ने पर ये चमकते हैं। इससे वाहन क्रैश बैरियर से टकराने से बच जाते हैं।

-कैट आइ : सभी घुमाव वाले स्थान, उतरने या चढ़ने वाले प्वाइंट, लूप पर कई आइ लगाए गए हैं। ये भी वाहन की रोशनी पड़ने पर चमकते हैं। साथ ही इसकी मदद से लेन का पता चलता है।

-सफेद पट्टी : एक्सप्रेस-वे पर तीन लेन हैं और किनारे की तरफ शोल्डर। इन सभी को सफेद पट्टी से अलग किया गया है। वाहन अपनी लेन में चलें इसलिए ये पट्टी अंधेरे में वाहन की रोशनी पड़ने पर चमकती हैं। इससे वाहन अपनी लेन से भटकते नहीं हैं।

Edited By: Jagran