मेरठ,जेएनएन। मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल परिसर में भारतीय किसान यूनियन व युवा रालोद नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर धरना दिया। एसीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

भाकियू नेता विजयपाल घोपला, दीपक घोपला व युवा रालोद नेता संजय चौधरी व विजय घोपला के नेतृत्व में चीनी मिल के क्षेत्रीय किसानों ने महाप्रबंधक दफ्तर के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। किसानों ने मांग रखी कि चीनी मिल गेट पर भैंसा बुग्गी व ट्रैक्टर ट्राली की तौल अलग-अलग कांटों पर होनी चाहिए। टोकन घर के आसपास गंदगी रहती है। इसे साफ कराया जाए। चीनी मिल के मुख्य द्वार की पुलिया का चौड़ीकरण किया जाए। पर्ची तौल की अवधि 72 घंटे से बढ़ाकर पांच दिनों की मांग की गई। छोटे सट्टे के किसानों की पर्ची का आवंटन जल्द किया जाए। इसके अलावा किसानों का गन्ना भुगतान शीघ्र किराया जाए। लगभग पांच घंटे चले धरने पर एसीएम संदीप श्रीवास्तव किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में छह करोड़ व 15 अक्टूबर तक 15 करोड़ का गन्ना भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद ही धरना समाप्त हुआ। राजपाल सिंह, मोनू ढिढाला, विक्रांत सांगवान, सतपाल प्रधान, बिजेंद्र, कृष्णपाल, प्रताप, दीपक गून, पप्पू गेझा, छोटू व मोनू तेवतिया मौजूद रहे।

आइडी अपलोड करने की अनिवार्यता समाप्त: डिजिटल सुविधा प्रदान करते हुए गन्ना किसानों को आनलाइन घोषणा पत्र भरते हुए आइडी अपलोड करने की अनिवार्यता खत्म हो गई है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि यह किसानों के हक में गन्ना विभाग की सराहनीय पहल है। आनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए किसानों को अब केवल अपने आधार कार्ड या बैंक अकाउंट नंबर के अंतिम चार अंकों के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर डालने से लागिन हो जाएगा। इस दौरान आइडी अपलोड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि टोल फ्री काल सेंटर पर प्राप्त गन्ना किसानों के सुझावों पर त्वरित निर्णय लिया जाएगा।

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