मेरठ, जागरण संवाददाता। Explosion In Meerut मेरठ के लिसाड़ीगेट के समर गार्डन में घर के अंदर हुए धमाके की आवाज करीब पांच सौ मीटर तक गूंजी। घरों की छत से लेकर दीवार तक हिलने लगी थी। लोगों का कहना था कि भूंकप की तरह घर के अंदर झटके महसूस हुए। उसके बाद सभी लोग घर से बाहर सड़कों पर आए। बाहर देखा कि इंतजार समेत तीन लोगों के मकान धराशायी हो गए है।

तत्‍काल हटाया गया मलबा

मलबे में दबे लोगों की चींखे सुनकर सभी लोग मौके पर दौड़ पड़े। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस प्रशासन के अलावा दकमल और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। तत्काल ही मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया था। आमीर गाजी ने बताया कि समर गार्डन में किसी से मिलने आए थे। करीब चार बजकर दस मिनट पर जोर से धमाका हुआ, जिसकी गूंज कानों में काफी देर तक रही। उसके बाद भूंकप की तरह मकान की छत और दीवार तक हिलने लगी। कोई भी समझ नहीं पा रहा था कि अचानक क्या हुआ। मकान के अंदर निकलकर तीन मकानों को मलबे में बदलते देखकर सभी के होश फाख्ता हो गए। पड़ोसी शमीम ने बताया कि धमाके ने उनके घर के अंदर की दीवार का सीमेंट भी उखाड़ दिया है।

मलबे से निकाल कर अस्पताल तक भेजा

दमकल से फायरमैन प्रवीण कुमार, नितिन कुमार, अमित कुमार ने मलबे से लोगों को निकालने में काफी मदद की है। उन्हें अफसरों के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह से आमजन से सपा नेता बदर अली, इमरान अंसारी, पार्षद नूर आलम, शाहिद अब्बासी समेत काफी लोगों ने मलबे से लोगों को निकालकर उपचार के लिए भेजा।

मलबे में दबे थे ये लोग

1. इंतजार उर्फ इंतू (65) निवासी 60 फुटा रोड समर गार्डन।

2. शगुफ्ता पत्नी दिलदार (38) (पुत्री इंतजार) (घायल) निवासी चंदसीना खतौली मुजफ्फरनगर

3. रोजी पुत्री दिलदार (16) (घायल)

4. अयान उर्फ आर्यन पुत्र दिलदार (18) (घायल)

5. मुस्कान पुत्री दिलदार (घायल)

6. शमीमा पत्नी उस्मान (38) (पुत्री इंतजार) (मृतक) निवासी औरंगाबाद भावनपुर।

7. जिकरा पुत्री उस्मान (4) (सुरक्षित)

8. नसरा पुत्री उस्मान (2) (घायल)

9. सुनील (65) बरसिया बागपत (घायल)

10. सुहैल पुत्र युनूस (18) बरसिया बागपत (घायल)

सुनील की हालत गंभीर, दिल्ली किया रेफर

मलबे से निकले सुनील की हालत गंभीर बनी हुई है। उसने जिला अस्पताल से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया है, जबकि सुहैल और अयान की हालत भी गंभीर है, उन्हें मेडिकल कालेज में भेजा जा रहा है। अन्य लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हादसे से बच गए परिवार के सदस्य

इंतजार की बेटी फईमा पत्नी सुलेमान और बेटा वसीम उस घर में नहीं थे। फईमा अपनी ससुराल में गई थी, जबकि बेटा वसीम पिता इंतजार से अलग किराए के मकान में रहता है। इसलिए वह हादसे का शिकार होने से बच गए, जबकि दिलदार का बेटा उजैब बाहर खेल रहा था। इसलिए हादसे से बच गए। 

यह भी पढ़ें : Explosion In Meerut: मेरठ में एक साल से चल रहा था अवैध पटाखों का धंधा और सिस्टम था अनजान

Edited By: Prem Dutt Bhatt