मेरठ। यूपीएससी की ओर से संचालित समीक्षा अधिकारी की परीक्षा रविवार को शहर में 60 परीक्षा केंद्रों पर हुई। कुल 55 हजार 872 अभ्यर्थियों में केवल 55 फीसद अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। बहुत से अभ्यर्थी देर से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, जिसकी वजह से उन्हें प्रवेश नहीं मिला।

दो पालियों में समीक्षा अधिकारी की परीक्षा हुई। सभी केंद्रों पर आधे अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। कुल 30 हजार 680 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहली पाली में सामान्य अध्ययन से संबंधित सवाल पूछे गए थे, जबकि दूसरी पाली में सामान्य ¨हदी के प्रश्न पूछे गए। परीक्षा देकर निकले ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर आसान रहा। सामान्य ज्ञान की परीक्षा में इतिहास, करेंट अफेयर्स, तर्कशास्त्र, भूगोल, विज्ञान आदि विषयों से सामान्य अध्ययन पूछे गए थे। जो अपेक्षाकृत सामान्य रहे। इतिहास में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के संस्थापक, बौद्ध धर्म के त्रिरत्न, सौ फीसद सौर ऊर्जा से चलने वाला भारत का पहला केंद्र- शासित प्रदेश आदि सवाल पूछे गए थे। खेलकूद से भी कई सवाल पूछे गए थे। दूसरी पाली में सामान्य ¨हदी में भी अपेक्षाकृत आसान सवाल रहे। समान अर्थ, मुहावरा, लोकोक्ति आदि से संबंधित कई प्रश्न आए थे। परीक्षा देकर निकले मेरठ के सर्वेश त्यागी और भावना मित्तल का कहना था कि कई प्रश्न इतने सामान्य थे, जिनका उत्तर मिलता जुलता रहा। इसलिए कुछ प्रश्न आसान होकर भी गलत हो गए। पूर्व में नकल और पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने परीक्षा के दौरान पूरी सख्ती की, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा में नहीं लगाया गया था। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण बताया है।

हर सेंटर पर छूटी परीक्षा

रविवार को सुबह कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली, वह कालेजों के बाहर खड़े रहे। दिल्ली रोड पर केके इंटर कालेज, वेस्ट एंड रोड पर एसडी सदर आदि परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभ्यर्थियों का कहना था कि पांच मिनट देर से पहुंचने के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला। सेंटरों पर अभ्यर्थियों ने विरोध भी जताया, लेकिन उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप