बुलंदशहर, जेएनएन। देश में संक्रमण से होने वाली बीमारियों से लड़ाई में बुलंदशहर ने हमेशा ही अहम भूमिका निभाई है। देश से पोलियो को समूल नष्ट करने में भी जिले की महत्वपूर्ण भूमिका है। सिकंदराबाद के चौला गांव स्थित भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन बीबकोल पोलियो वैक्सीन बनाने वाली देश की दूसरी बड़ी कंपनी है। यहां हर साल 150 करोड़ डोज तैयार कर सरकार को उपलब्ध कराया जाता है। इससे ही देश में पोलियो को नष्ट करने में बड़ी सफलता मिली।

पोलियो के बाद अब कोविड-19 से जंग में भी बुलंदशहर की बीबकोल जी-जान से जुट गयी है। उम्मीद है, कंपनी जल्द ही सारे संसाधन जुटाकर अक्टूबर तक वैक्सीन का निर्माण शुरू कर देगी। फिलहाल कंपनी दो करोड़ डोज हर माह उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। बीबकोल सिकंदराबाद में स्थित है। फैक्ट्री को बाहर से देखकर कोई सोच भी नहीं सकता कि यहां ऐसी वैक्सीन तैयार होती है जो भारत की गिनी चुनी कंपनियां ही बनाती हैं। विश्व में ऐसी वैक्सीन बनाने वाले ऐसे बहुत कम केंद्र हैं। अधिकांश ग्रामीणों के लिए यह सिकंदराबाद की कोई दवाई बनाने वाली सामान्य कंपनी है।

चौला के ही दिनेश से जब कंपनी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नहीं पता यहां क्या बनता है, सुना है कोई दवाई बनती है। क्या पोलियो की वैक्सीन भी यहां बनती है? इसपर उन्होंने कहा, मुङो नहीं पता, बस यहां से गाड़ियां आती-जाती दिखती हैं। बाकी यहां क्या होता है, पता नहीं है। दिनेश के अलावा चौला गांव के कई लोगों का यही कहना था। कोविड-19 के प्रकोप से हर कोई जूझ रहा है। ऐसे में बीबकोल परिसर के अंदर की हलचल बता रही है कि यहां काम दिन-रात जारी है। कोरोना से लड़ने के लिए कैसे जल्दी से जल्दी और लक्ष्य से ज्यादा वैक्सीन बनाई जाए, इसके लिए कंपनी की तकनीकी टीम मंथन कर रही है।

संक्रमित हैं कई लोग

यहां वैक्सीन और पहले तैयार की जा सकती थी लेकिन दुखद पहलू यह है कि कंपनी के कई वैज्ञानिक और तकनीशियन कोरोनाग्रस्त हैं। दो अधिकारी अभी नोएडा के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं जबकि 25 से ज्यादा अन्य कर्मचारी भी कोविड से संक्रमित हैं। 

Fight Against COVID-19: अब बुलंदशहर की बीबकोल कंपनी में तैयार होगी कोवैक्सीन, हर माह दो करोड़ डोज का लक्ष्य