-अंतिम संस्कार के बाद हुई शव की शिनाख्त

-हत्या करके मलियाना में नाले में फेंका गया था शव

मेरठ । लिसाड़ी गेट से लापता ई-रिक्शा चालक अमन के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने फोटो के आधार पर उसकी शिनाख्त कर ली है। लूट के बाद चालक को मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है।

बुधवार को लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की शौकत कालोनी निवासी इलियास व अन्य परिजन थाने पहुंचे। इलियास ने बताया कि 25 नवंबर को उनका पुत्र अमन (21) घर से ई-रिक्शा लेकर निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसी दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। मेरठ व आसपास के जिलों में लापता की तलाश की गई, परंतु वह नहीं मिला। थाना पुलिस ने उन्हें बताया कि टीपीनगर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था। परिजन वहां पहुंचे और फोटो के आधार पर उन्होंने अज्ञात शव की शिनाख्त अमन के रूप में कर ली। उन्होंने शव मांगा तो पांव तले जमीन खिसक गई। क्योंकि, पुलिस 29 नवंबर को उसका अज्ञात में अंतिम संस्कार कर चुकी थी।

टीपीनगर पुलिस ने बताया कि 26 नवंबर उसका शव मलियाना स्थित एक नाले में मिला था। शिनाख्त नहीं होने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इलियास आदि ने आरोप लगाया कि टीपीनगर पुलिस ने किसी भी थाने में शव की सूचना नहीं दी। यदि देती तो लिसाड़ी गेट पुलिस गुमशुदगी के आधार पर जांच करती। उनकी मांग है, टीपीनगर पुलिस के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इंस्पेक्टर डालचंद का कहना है कि शव 72 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस पर रखा। नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आरोप निराधार हैं।

फुटेज के आधार पर तीन पकड़े

लिसाड़ी गेट पुलिस ने मामले में रोहटा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर तीन लोग हिरासत में लिए हैं। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि अमन की ई-रिक्शा में तीन युवक बैठे हैं, उस समय अमन उसमें नहीं था। इंस्पेक्टर रघुराज सिंह का कहना है कि घटना का जल्द राजफाश किया जाएगा। फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है लूट के बाद अमन की हत्या की गई है। वह अपने पांच बहन-भाइयों में दूसरे नंबर का था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस की लापरवाही से परिजन क्षुब्ध

खाकी की लचर कार्यशैली के कारण ई-रिक्शा चालक अमन का सब कुछ होते हुए भी लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। टीपीनगर पुलिस ने यदि डीसीआरबी को लावारिस शव की सूचना दी थी तो वहां से सूचना आगे फ्लैश क्यों नहीं की गई। यदि की गई तो फिर लिसाड़ी गेट पुलिस ने अमन के परिजनों को बुलाकर शिनाख्त के प्रयास क्यों नहीं किए। लचर सूचना तंत्र के कारण अमन के परिजन बेहद क्षुब्ध हैं।

Posted By: Jagran