EPFO: 15 से 25 हजार सेलरी लिमिट होने से मेरठ और आसपास के जिलों के एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
ईपीएफओ ने वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की।
EEC योजना से छूटे पात्राें को ईपीएफओ के दायरे में लाने का प्रयास।
जागरण संवाददाता, मेरठ। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं के हित में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों को ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम अंकुर पी. गुप्ता ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि ईपीएफओ कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रति माह किए जाने के निर्णय से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, बागपत, बिजनौर के लगभग एक लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
ईपीएफओ द्वारा एंप्लाय एनरोलमेंट कैंपेन (EEC) योजना के माध्यम से ऐसे पात्र कर्मचारियों को भी ईपीएफओ के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है, जो वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर हैं।
इस अभियान के अंतर्गत छूटे हुए पूर्व अवधि के लिए कर्मचारी अंशदान माफ रहेगा, जबकि नियोक्ता को संबंधित अवधि के लिए डैमेज के रूप में केवल 100 रुपये की एकमुश्त राशि जमा करनी होगी। पत्रकार वार्ता में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई।
सैनिकों के परिवार की समस्याओं का सबसे पहले समाधान करें अधिकारी
मेरठ : जिला सैनिक बंधु की बैठक में पूर्व सैनिक, शहीद व दिवंगत सैनिकों के स्वजन तथा उनके आश्रितों की कुल 11 समस्याएं प्राप्त हुई। एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में भूमि तथा पुलिस से संबंधित समस्याएं रहीं। जिनके समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया।
इस दौरान सैनिक कल्याण निदेशालय लखनऊ से प्राप्त शिकायतों पर भी चर्चा की गई। सैनिक कल्याण बोर्ड अधिकारियों ने नाराजगी जताई कि बलिदानी सैनिकों के नाम पर सड़कों के नामकरण की मांग पूरी नहीं की जा रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट का इंतजार है। सभी समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता पर समाधान करने का निर्देश एडीएम प्रशासन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया।
