मेरठ, जेएनएन। कोविड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसको लगवाने के बाद कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, यह वैक्सीन गर्भवती महिला व छोटे बच्चों के लिए कारगर है। वैक्सीन लग जाने के बाद भी लोगो को सावधानी आवश्यक है क्योंकि यह बीमारी अभी समाप्त नहीं हुई है। अभी हमें एक से डेढ़ साल तक सावधानी रखना आवश्यक है। इसमें निरंतर हाथों को धोना, मास्क लगाना व दो गज की दूरी रखना ही इसका कारगर उपाय है। यह कहना है शहर के फिजिशियन डा. विजय कुमार बिंद्रा का, जो डीएन डिग्री कालेज में एलुमनाई लेक्चर सीरीज के अंतर्गत आयोजित लेक्चर को संबोधित कर रहे थे। डा. बिंद्रा कोविड-19 का वैक्सीन तक का सफर विषय पर बोले। वह कालेज में 1975 बैच के विद्यार्थी रहें हैं।

उन्होंने कोविड-19 का नामकरण किस प्रकार कब और कहां हुआ,कब इसे महामारी घोषित किया गया,भारत में इसकी शुरुआत कब और कहां हुई,इसके प्रारंभिक लक्षण क्या है,इसका उपचार किस प्रकार किया जा सकता है,इम्यूनिटी को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है आदि के विषय में बताया।उन्होंने बताया इसके उपचार के लिए विश्व भर में लगभग 100 वैक्सीन पर कार्य किया गया लेकिन अंत में लगभग 10 वैक्सीन को विश्व भर में लगाया जा रहा है,वैक्सीन को लगने में अनेक चुनौतियां है जैसे इसको संरक्षित करने में,इसके साइड इफेक्ट कम से कम हो।भारत के वैज्ञानिकों ने इसमें असीम सफलता प्राप्त की इस समय दो वैक्सीन लगाई जा रही है कोविशील्ड एवम् कोवैक्सिन।इन दोनों वैक्सीन को संरक्षित करने एवं ले जाने में आसानी हैं इनको लगभग +2 से +8 डिग्री सेंटीग्रेड तक रखा जा सकता है यह वैक्सीन व्यक्ति की बाजू पर लगाई जा सकती है एवं इसके साइड इफेक्ट भी कम है। प्राचार्य डा. बी एस यादव ने कोविड-19 महामारी के विषय में कालेज ने किन- किन समस्याओं का सामना किया। उनका निराकरण किस प्रकार किया। इसके विषय में बताया।

लेक्चर में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा.एसके अग्रवाल, डा. सुधीर कुमार ,एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष वीएम नौटियाल, सचिव डा. आभा अवस्थी, अतुल त्यागी रहे।

संचालन डा.शेफाली पुनिया ने किया। डा. प्रियंका बालियान, डा. एस के शर्मा , डा. एसके शर्मा, डा. एम के यादव, डा. रामबली सिंह, डा. जिनेन्द्र बौद्ध , डा. विश्रूत चौधरी, डा. दीपक कुमार, डा. मनोज सिंह का विशेष सहयोग रहा।

13 फरवरी को पुरातन छात्र सम्मेलन

डीएन डिग्री कालेज में 13 फरवरी को पुरातन छात्र सम्मेलन है। जिसकी शुरुआत बुधवार के लेक्चर सीरीज से हो गई है।