मेरठ जागरण संवाददाता। आखिरकार राज्यसभा सदस्य और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी की चेतावनी के असर से जैन नगर संपर्क मार्ग का वह आवेदन मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने कर दिया, जिससे आठ महीने से लटका रखा था। अब संपर्क मार्ग के लिए सेना की जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

इसलिए आया डा. बाजपेयी को गुस्सा

शहर में जाम की समस्या को कम करने के लिए बागपत रोड को रेलवे रोड से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग बनाने का प्रस्ताव है। इस संपर्क मार्ग को बनाने के लिए सेना की जमीन की दरकार है। सेना की जमीन को लेने के लिए रक्षा मंत्रालय के विशेष पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है। उसके बाद ही आगे प्रक्रिया बढ़ती है। इसी संबंध में आठ महीने पहले तय हुआ कि एमडीए यह संपर्क मार्ग बनाएगा और रक्षा मंत्रालय से जमीन लेने की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद एमडीए ने बोर्ड में लाइसेंस के आधार जमीन लेने का प्रस्ताव पारित किया फिर पोर्टल पर आवेदन शुरू किया। तब एमडीए की तरफ से तर्क दिया गया कि पोर्टल एमडीए को योग्य नहीं मान रहा है। इसलिए आवेदन शासन से हो पाएगा। एमडीए ने फिर शासन को पत्र भेज दिया। फिर एमडीए की ओर बताया गया कि शासन ने रक्षा मंत्रालय को पत्र भेजा है। डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी इसी घुमाने वाली प्रवृत्ति से नाराज हो गए। 

बोले-जब तक आवेदन न हो जाए डटे रहो

उन्‍होंने उपाध्यक्ष और अधिशासी अभियंता के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को बैठा दिया कि जब तक आवेदन न हो जाए डटे रहो। फिर अरसे से लंबित काम कुछ ही घंटों में हो गया। रक्षा मंत्रालय से तरीका बताया गया और एमडीए स्तर से ही आवेदन कर दिया गया।

एमडीए को जनता और सरकार विरोधी बताया 

डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने एमडीए उपाध्यक्ष समेत सभी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आड़े हाथों लिया। उन्होंने यह तक कहा कि मेरठ विकास प्राधिकरण, सरकार एवं जनता विरोधी है। बताया कि वर्ष 2011 से इस मांग पर बातें चल रही हैं। आठ महीने पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोर्टल पर अपलोड कराने के लिए कहा था, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने नहीं किया। इस दौरान संदीप रेवड़ी, गौरव शर्मा, शशांक गुप्ता, विकास मित्तल, कुलदीप वाल्मीकि, पंकज राजपूत, शिवा वैद्य, निशांत धवन उपस्थित रहे। 

Edited By: Parveen Vashishta