मेरठ, जेएनएन। Diwali 2019 दीपावली पर पटाखों का धुआं और आवाज दोनों दिल के लिए घातक हैं। तेज आवाज से जहां दिल के मरीज की धड़कन बढ़कर हार्ट फेल्योर का कारण बन सकती है, वहीं धुआं भी जान ले सकता है। धुएं के दौरान हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम और सल्फर की मात्रा बढ़ने से हार्ट की पंपिंग प्रभावित होती है। अस्थमा के मरीजों में हार्ट के दायीं ओर का चेंबर लंबा होता है, ऐसे में धुएं में दोहरा खतरा बन सकता है। कुछ सावधानियां बरतकर खुशियों के इस त्‍योहार को और भी उम्‍दा तरीके से मनाया जा सकता है। इस त्‍योहार अपना और दूसरों का ख्‍याल रखना बेहद जरूरी है। डॉक्‍टरों ने भी कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इस पर गौर किया जाना अति आवश्‍यक है।

यह बरतें सावधानी

हवा में ऊंचाई तक जाने वाले पटाखे या फुलझड़ियां ही छोड़ें

ज्यादा आवाज होने पर धड़कन तेज होने से दिल फेल भी हो सकता है।

हार्ट के मरीज आतिशबाजी से दूर रखें।

हार्ट अटैक या फेल्योर के लक्षण उभरें तो तत्काल डाक्टर से संपर्क करें।

- डा. ममतेश गुप्ता, हृदय रोग विशेषज्ञ

दिल के मरीज रखें एहतियात

आतिशबाजी में सल्फर डाइऑक्साइड, मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी जैसे निकलती हैं जो ब्रोंकाइटिस व सांस के अटैक का खतरा बढ़ाती हैं।

सीओपीडी के मरीजों को ज्यादा परेशानी

अगर मरीज एक वाक्य को पूरा नहीं बोल पा रहा है तो सांस के अटैक का संकेत है

दिमागी असंतुलन और होठ व अंगुली का नीला होना भी यही संकेत है

अटैक आए तो गर्म भाप दें।

कमजोरी लगे तो टेबल के सहारे खड़े होने का प्रयास करें

घरों में बुजुर्ग हों तो खिड़की बंद कर लें। उन्हें सांस की तकलीफ होगी

इनहेलर घर मे रखें

- डा. वीरोत्तम तोमर, सांस रोग विशेषज्ञ 

Posted By: Prem Bhatt

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