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मेरठ: मारपीट प्रकरण में समझौते की 'पटकथा' धराशाई; फेसबुक पर दिग्विजय भाटी बोले- कोई शपथ पत्र नहीं दिया

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 19 Sep 2026 06:24 PM (IST)

Meerut News: किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव मारपीट प्रकरण में समझौते की पटकथा अलग-अलग मांगों के चलते धराशाई ...और पढ़ें

दिग्विजय भाटी। सौ. सोशल मीडिया

दिग्विजय भाटी। सौ. सोशल मीडिया

HighLights

  1. दिग्विजय भाटी ने शपथ पत्र देने के दावे का खंडन किया।

  2. तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय पर मारपीट का आरोप।

जागरण संवाददाता, मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव मारपीट प्रकरण में समझौते की पटकथा अंत में धराशाई हो गई। समझौते को लेकर तीनों की मांग अलग अलग थी। खाकी और खादी मिलकर भी तीनों को एक मंच पर नहीं कर पाए।

मोहित जाटव ने वीडियो वायरल कर पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया। खुद की किरकिरी होती देखकर दिग्विजय भाटी भी फेसबुक पर लाइव आया और उसने सफाई दी कि हमारी तरफ से कोई शपथ पत्र नहीं दिया है, हम अपने पहले ही बयान पर कायम है।

अभी तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, दिग्विजय भाटी ने इस बार रिपोर्ट दर्ज कराने की कोई मांग नहीं की है। सूत्रों का कहना है कि पर्दे के पीछे समझौते की पटकथा लिखी जा चुकी है। सभी के मनमुताबिक, रकम नहीं मिलने पर समझौता नहीं हो सका।

भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डा. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित कुमार ने आइपीएस अविनाश पांडेय से 19 अगस्त को उनके कार्यालय पर मिलने के लिए गए थे।

आरोप था कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने अपने कैबिन में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी की पिटाई की। जिससे दिग्विजय भाटी की आंख पर गंभीर चोट लगी थी। तभी सिविल लाइन थाने के तत्कालीन प्रभारी अखिलेश गौड़ को पहले पुलिस लाइन भेजा और फिर सस्पेंड कर दिया। भाटी और मोहित ने अखिलेश गौड़ पर यातनाएं देने का आरोप लगाया था।

सपा विधायक अतुल प्रधान ने एडीजी भानु भास्कर से मिलकर भी सख्त कार्रवाई की मांग की थी। तब एडीजी ने मामले की जांच डीआइजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को सौंप दी थी। मामले की जांच सहारनपुर डीआइजी कर रहे हैं। वह मेरठ आकर साक्ष्य भी जुटाकर ले गए थे।

भाटी और मोहित के बयान भी दर्ज किए गए थे। पहले इस मामले में आइपीएस अविनाश पांडेय और तत्कालीन सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ और उनकी टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी थी।

मोहित जाटव ने एक वीडियो में कहा कि दिग्विजय भाटी ने डीआइजी सहारनपुर के समक्ष इस मामले में शपथ पत्र दिया है, जबकि शुक्रवार को दिग्विजय भाटी ने भी फेसबुक पर लाइव आकर मोहित जाटव का खंडन किया।

उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई शपथ पत्र नहीं दिया गया। वह अपने पुराने बयान पर कायम है। दोबारा भी वही बयान देंगे। पूरी वीडियो में दिग्विजय भाटी ने न जांच रिपोर्ट में हो रही देरी पर जिक्र किया और न ही मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि जल्द ही डीआइजी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने वाले हैं।