सहारनपुर, जागरण संवाददाता। सरकार के करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग में व्‍यवस्‍था बदहाल है। इसका एक उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। कमिश्‍नर लोकेश एम के निरीक्षण में विद्यालयों में भारी अव्यवस्थाएं मिलीं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्‍होंने एक प्रधानाध्यपक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, नौ सहायक अध्यापकों और एक शिक्षा मित्र का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोके जाने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए। इसी के साथ खंड शिक्षा अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

शिक्षक अंदर, बच्‍चे बाहर

मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान अपरान्ह दो बजे प्राथमिक विद्यालय नौजली में बच्चे अपनी कक्षाओं में न रहकर बाहर घूम रहे थे, ऐसे ही हालात प्राथमिक विद्यालय परागपुर के थे। प्राथमिक विद्यालय नौजली में एक प्रधानाध्यापक, सात सहायक अध्यापक और एक शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। मंडलायुक्त ने प्रधानाध्यपक सरजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। सात सहायक अध्यापकों और एक शिक्षा मित्र का अग्रिम आदेश तक वेतन रोके जाने के निर्देश दिए है।

कक्षाओं के भीतर व बाहर मिला गंदगी का अंबार, धूप में खड़ी थीं अध्यापिकाएं

प्राथमिक विद्यालय परागपुर की स्थिति अत्यंत खराब थी। कक्षाओं के भीतर एवं बाहर बहुत गंदगी थी। जगह-जगह केले के  छिलके, खाली चिप्स के रैपर व कूड़ा कचरा पड़ा था। विद्यालय में चार सहायक अध्यापिकाओं की तैनाती है, जिसमें से दो सहायक अध्यापिका सपना और मधु धूप में खड़ी मिली तथा दो सहायक अध्यापिकाओं के अवकाश पर होने की सूचना दी गई। दोनों सहायक अध्यापिकाओं के अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। दोनों विद्यालय में मिली अव्यवस्थाओं एवं अनियमितताओं के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बलियाखेड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं बीएसए अंबरीष कुमार ने बताया कि मंडलायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में तत्काल कार्रवाई कर दी गई है।

छात्र को पीटने पर प्रधानाध्यापक निलंबित

बीएसए अंबरीष कुमार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय चकहरेटी के प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार की कक्षा-5 के छात्र को बेरहमी से पीटने की शिकायत उसके पिता मुकेश ने की थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। प्रकरण में प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।

Edited By: Parveen Vashishta