मेरठ। वेस्ट यूपी की लाइफलाइन दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे-709बी बागपत ही नहीं बल्कि चार राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है। यह हाईवे अक्षरधाम दिल्ली से शुरू होकर सहारनपुर तक 154 किमी लंबा होगा। इसके बनने से जहां औद्योगिक विकास रफ्तार पकड़ेगा वहीं रोजगार की राह भी खुलेगी। अब तक इस हाईवे की बदहाली के कारण बागपत, शामली तथा सहारनपुर के लिए दिल्ली की राह गड्ढों भरी थी। यहां के बा¨शदों को हरियाणा में होकर दिल्ली जाना पड़ता था। इस हाईवे के बनने से दिल्ली और करीब होगा, तो इन जनपदों का विकास रफ्तार पकड़ेगा।

ऐसे होगा निर्माण

यह फोरलेन हाईवे का निर्माण तीन फेज में होगा। प्रथम फेज अक्षरधाम दिल्ली से लोनी तक हाईवे निर्माण सबसे बाद में होगा। फिलहाल द्वितीय और तृतीय फेज का निर्माण बागपत से सहारनपुर तक होगा। बागपत से सहारनपुर तक 1505.72 करोड़ खर्च आएगा। बागपत से शामली तक फोरलेन हाईवे की लंबाई 61.409 किमी है जिसके निर्माण पर 726.33 करोड़ रुपये खर्चा आएगा। बागपत एरिया में छह पुल, 121 पुलिया, 30 बस पड़ाव, चार मेजर इंटरसेक्शन तथा 81 माइनर इंटरसेक्शन बनेंगे। शामली से सहारनपुर तक कुल लंबाई 62.772 किमी लंबा हाईवे बनेगा जिसपर कुल 779.39 करोड़ खर्च आएगा। शामली से सहारनपुर तक छह पुल, 88 पुलिया, 32 बस पड़ाव, तीन रेलवे ओवर ब्रिज, एक टोल प्लाजा, 3.35 किमी सर्विस रोड, मेजर इंटरसेक्शन पांच, माइनर इंटरसेक्शन 75 तथा शामली बाइपास नौ किमी होगा।

इसलिए महत्वपूर्ण

यह हाईवे सामरिक ²ष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली, उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश और हरियाणा राज्य जो देश की सुरक्षा के ²ष्टिकोण से संवेदनशील राज्य है, और इनकी सीमाएं इस क्षेत्र से लगी हैं। यह हाईवे लोनी में दिल्ली से जुड़ता है। बागपत में गोरीपुरमोड पर मेरठ-रोहतक वाया गढ़-बागपत-सोनीपत मार्ग से जुड़ता है।

यह होगा लाभ

-बागपत से सहारनपुर तक रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

-उद्यमियों तथा कारोबारियों का कारोबार भी बढ़ेगा।

-सफर का समय और पैसा और डीजल की बचत।

-जमीन के दाम बढ़ने से किसानों को बड़ा फायदा।

-सड़क दुर्घटना में कम आने से जान नहीं जाएगी।

-बागपत के गन्ना किसानों को हाईवे का बड़ा लाभ।

-बागपत में विकास और रोजगार की राह खुलेगी।

-सहारनपुर काष्टकला व लघु औद्योगिक विकास।

Posted By: Jagran