दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्या बदलाव होने वाला है? सांसद अरुण गोविल ने NHAI से की थी मांग
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर परतापुर से डासना तक के खंड में अब अंधेरा नहीं रहेगा। सांसद अरुण गोविल की मांग पर एनएचएआइ यहां जल्द ही लाइटें लगवाएगा। इस खं ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अब अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं में कमी आएगी। एक्सप्रेसवे अब जगमग रहेगा ताकि चालक गति से वाहन दौड़ा सकें और अवरोधों से बच सकें। परतापुर से डासना तक लगभग 32 किमी वाले हिस्से पर पथ प्रकाश की व्यवस्था होने जा रही है। इस सुविधा की जानकारी दी है सांसद अरुण गोविल ने। उन्होंने बताया कि उनकी मांग पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) जल्द ही लाइटें लगवाने जा रहा है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से डासना वाले खंड पर अंधेरा समस्या नहीं बनती क्योंकि वहां जगह-जगह पथ प्रकाश व्यवस्था है। एक्सप्रेसवे के साथ ही एनएच-नौ भी है, जिससे वहां कुल 14 लेन हैं। दिन-रात उस हिस्से पर वाहनों का दबाव रहता है इसलिए वहां पर वाहनों का ही काफी प्रकाश रहता है।
दिल्ली से डासना तक व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्र विकसित होने के कारण रात में आवागमन जारी रहती है। जैसे ही परतापुर से डासना वाले खंड पर आते हैं यहां पर रात में अंधेरा डराने लगता है। यह हिस्सा खेतों के बीच से निकाला गया था इसलिए आसपास न आवासीय क्षेत्र हैं न ही औद्योगिक-व्यावसायिक क्षेत्र। रात में वाहनाें की संख्या भी बेहद कम हो जाती है।
कभी इस पर कोई जानवर आ जाता है तो कभी दोपहिया या तिपहिया वाहन। इससे अंधेरे के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सांसद ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष यहां की समस्या रखी थी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर एनएचएआइ गाजियाबाद इकाई ने इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी है। यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुंदर एवं तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। क्षेत्र की यातायात सुविधा और अवागमन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।