मेरठ । केंद्रीय परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मेरठ में 6300 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। चिर परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा कि काली और ¨हडन नदी से भी जहाज (वाटर एयरक्राफ्ट या सी प्लेन) उड़ाकर 17 मिनट में दिल्ली पहुंचा सकता हूं। हवा में लटककर चलने वाली बस मेट्रो से सस्ती पड़ेगी। सीवेज कलेक्शन से मीथेन गैस पैदा कर नगर बसें चलाई जा सकती हैं। मेरठ-नई दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर वाहन 25 अप्रैल से फर्राटा भरना शुरू कर देंगे। सफर सिर्फ 45 मिनट में सिमट जाएगा। पश्चिमी उप्र में नालों की सफाई पर 1039 करोड़ की परियोजना शुरू कर दी गई है।

उप्र में आठ हजार करोड़ का बजट

नमामि गंगे योजना के अंतर्गत काली नदी की सफाई के लिए 682 करोड़ की योजना का शिलान्यास किया। राधा गोविंद इंजीनिय¨रग कालेज प्रांगण में आयोजित आभार सम्मेलन में कहा कि देश में 26 हजार करोड़ की राशि से नदी सफाई योजना चल रही है, जिसमें आठ हजार करोड़ उप्र में खर्च होंगे। 50 योजनाओं का काम शुरू कर दिया गया है। मेरठ में आबू नाला-एक और दो के साथ ओडियन नाला को एसटीपी से जोड़ने का भी एलान किया। इन नालों के पानी को सिंचाई में प्रयोग किया जाएगा।

प्रोजेक्ट दीजिए..काली नदी से चला दें जलमार्ग

गडकरी ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल के प्रयासों की प्रशंसा की। कहा कि अगर वो प्रस्ताव दें तो काली नदी को गंगा से जोड़कर प्रयागराज तक जलमार्ग भी बन सकता है। बताया कि दिल्ली में यमुना नदी की सफाई पर 14 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट चल रहा है। दिल्ली से जलमार्ग सेआगरा होते हुए इटावा से प्रयागराज का जलमार्ग खोला जाएगा। यमुना में 160 फीसद पानी बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह एवं डॉ. यशवंत से भी ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए कहा।

14 लेन का हाईवे तैयार

कनेक्टिविटी पर फोकस करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि दिल्ली से मेरठ के बीच नौ किमी तक 14 लेन हाईवे बन चुका है। मेरठ के नजदीक अंतिम 13 किमी पर काम चल रहा है, जो 25 अप्रैल से पहले पूरा हो जाएगा। नौ हजार करोड़ की लागत से बने एक्सप्रेस-वे से सिर्फ 45 मिनट में दिल्ली पहुंचा जा सकेगा।

अब मुंबई-दिल्ली 12 घंटे में

मेरठ-दिल्ली और मुंबई-पुणे हाईवे का उदाहरण देते हुए गडकरी ने बताया कि दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाला हाईवे हरियाणा के गुरुग्राम, राजस्थान के अलवर, मध्यप्रदेश के झाबुआ व गुजरात से गुजरेगा। तीन लाख करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह हाईवे आदिवासी क्षेत्रों के आसपास से गुजरेगा, जहां बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होगा। बताया कि अगर यही मार्ग वर्तमान हाईवे के साथ निकलता तो 17 हजार करोड़ रुपये और खर्च होते। यह हाईवे महज 12 घंटे में मुंबई पहुंचाएगा।

नाले से पैदा करें मीथेन, नगर बस चलाएं

गडकरी ने नागपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि संस्थाओं से जलीय कचरा मंगवाकर नागपुर नगर निगम हर साल 84 करोड़ रुपये कमाता है। सीवेज से मीथेन बनाकर 80 नगर बसें चलाई जा रहीं हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि नगर निगम को इसके लिए राजी करें तो केंद्र पूरी मदद करेगा। अन्यथा नाले का पानी व्यर्थ बह रहा है।

ये रहे उपस्थित

राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, विजयपाल तोमर, सांसद डॉ. यशवंत सिंह, सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, सत्यवीर त्यागी, दिनेश खटीक, डॉ. सोमेंद्र तोमर, श्रमिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्विनी त्यागी व संगठन महामंत्री अजेय मंचासीन रहे। सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन, जिलाध्यक्ष रवींद्र भड़ाना, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, संजय त्रिपाठी, कमलदत्त शर्मा, ललित नागदेव, पीयूष शास्त्री, वीनस शर्मा, आलोक सिसौदिया, हर्ष गोयल, देवेंद्र गुर्जर, सतेंद्र भराला, अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, आशीष सिंह, निशांक गर्ग व पूजा बंसल, वर्षा कौशिक, संगीता पंडित, रेनू जोगी व बबीता चौहान आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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