मेरठ, जागरण संवाददाता। Delhi Meerut Expressway दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर टोल का सिस्टम थोड़ा अलग है। एक्सप्रेस-वे पर डासना से दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले का टोल नहीं कटेगा। यही नहीं दिल्ली या नोएडा से मेरठ आने वाले वाहन जब तक किसी मानवयुक्त टोल से नहीं गुजरेंगे तब तक टोल नहीं कटेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन्हें होगा जो दिल्ली या नोएडा से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ेंगे लेकिन डासना में मेरठ की ओर बढऩे से पहले किसी भी तरफ उतर जाएंगे। या पहले कहीं उतर जाएंगे।

ऐसे फायदा उठा सकेंगे

जैसे कि राजनगर एक्सटेंशन के एलिवेटेड रोड व विजय नगर से गाजियाबाद की तरफ आने-जाने वाले वाहन इसका फायदा उठा सकेंगे। हालांकि जब भी कोई वाहन एक्सप्रेस-वे पर बिना टोल बूथ वाले प्वाइंट से प्रवेश करेगा तो वहां पर उस वाहन को आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर दर्ज कर लेगा फिर जब कोई वाहन मानव युक्त टोल बूथ या टोल प्लाजा पार करेगा तब टोल कटेगा।

यहां हैं मानवयुक्त टोल बूथ

मेरठ डासना खंड

- काशी टोल प्लाजा

- भोजपुर

- रसूलपुर सिकरोड

डासना-हापुड़ खंड

- छिजारसी

मानव रहित टोल प्वाइंट

- डासना

- डूंडाहेड़ा

- इंदिरापुरम

- सरायकाले खां यानी निजामुद्दीन

छह लेन का चिपियाना आरओबी 20 दिसंबर को खुलेगा

मेरठ : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का छह लेन का आरओबी चिपियाना में 20 दिसंबर को खोल दिया जाएगा। अभी तक एक्सप्रेस-वे के वाहन एनएच-9 वाले आरओबी से होकर गुजर रहे हैं। इस तरह से 20 दिसंबर से आने-जाने को वहां पर 12 लेन का ब्रिज हो जाएगा। कुल 16 लेन का आरओबी तैयार होना है जिसमें से चार लेन का स्टील स्ट्रस ब्रिज फरवरी-मार्च तक तैयार हो पाएगा।

कुल आठ लेन खोले गए

दिल्ली से डासना तक कुल 14 लेन की सड़क है। इसमें बीच में छह लेन का दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे है और दोनों तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-9 की लेन हैं। चिपियाना में आरओबी तैयार होने में लंबा वक्त लग गया। वहां पर पहले पुराने चार लेन के आरओबी से ही आवागमन होता रहा फिर बाद में एक तरफ छह लेन का आरओबी तैयार हुआ। जिस पर आवागमन के लिए कुल आठ लेन खोले गए। वर्तमान में आठ लेन से ही दोनों तरफ के हाईवे व एक्सप्रेस-वे का आवागमन हो रहा है। लेकिन 20 दिसंबर से कुल 12 लेन हो जाएंगे।

Edited By: Prem Dutt Bhatt